छत्तीसगढ़

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने युवाओं को दी राइट चॉइस की सीख

Ramesh Pandey
By Ramesh Pandey On अक्टूबर 5, 2026
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चिराग पासवान ने युवाओं को दी राइट चॉइस की सीख

रायपुर, 5 अक्टूबर 2026। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने युवाओं को राइट चॉइस की सीख दी है। वे छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में युवाओं को प्रेरणा, नवाचार और सफलता के नए रास्तों से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित ‘रोलबोल यूथ कॉन्क्लेव 2026’ एवं ‘रोलबोल टॉक्स’ में शामिल हुए। रविवार 4 अक्टूबर को इस कार्यक्रम का गरिमामय और भव्य समापन हुआ। रायपुर के जेल रोड स्थित पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय (मेकाहारा) के ऑडिटोरियम में आयोजित इस ऐतिहासिक समारोह में देश के विभिन्न क्षेत्रों की सफल शख्सियतों ने युवाओं के साथ अपने प्रेरणादायी अनुभव साझा किए।

इस भव्य यूथ कॉन्क्लेव में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि युवा ही देश के भविष्य की नींव हैं। इस अवसर पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री गुरुखुशवंत साहेब भी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिन्होंने युवाओं की ऊर्जा और रोलबोल कम्युनिटी के इस अभिनव प्रयास की जमकर सराहना की। कार्यक्रम में देश की जानी-मानी हस्तियों ने अपनी संघर्ष और सफलता की कहानियों से हॉल में मौजूद हर युवा के भीतर एक नया जोश भर दिया।

समारोह में मुख्य वक्ता के तौर पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को सुनने के लिए युवाओं में भारी उत्साह देखा गया। अपने ओजस्वी संबोधन में उन्होंने जीवन के उतार-चढ़ाव साझा करते हुए कहा, जीवन में आपको चॉइसेस (विकल्प) कितनी मिलती हैं, यह मायने नहीं रखता; बल्कि आपने उन विकल्पों में से क्या चूज (चुनाव) किया है, यह मायने रखता है। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि कभी भी जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। अपने पिता (दिवंगत नेता रामविलास पासवान) के जाने के बाद के मुश्किल दौर को याद करते हुए भावुक अंदाज में उन्होंने कहा, पिताजी के जाने के बाद मेरे सामने दो ही रास्ते थे- या तो मैं परिस्थितियों के आगे सरेंडर कर देता या फिर लड़ते हुए आगे बढ़ता। मैंने आगे बढ़ना चुना। एक वक्त ऐसा आया जब मैंने अपना घर और अपनी राजनीतिक पार्टी तक खो दी, लेकिन हार नहीं मानी। उनके इस जज्बे को सुनकर पूरा ऑडिटोरियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

दर्शन कुमार ने साझा किया थियेटर से सिनेमा तक का सफर

‘द कश्मीर फाइल्स’ फेम मशहूर बॉलीवुड अभिनेता दर्शन कुमार ने युवाओं को ‘नेवर गिव अप’ का मंत्र दिया। उन्होंने अपनी यात्रा के बारे में बताते हुए कहा कि उन्होंने दिल्ली में स्टेज शो और थियेटर से शुरुआत की थी। इसके बाद जब वे मुंबई आए, तो नसीरुद्दीन शाह का थियेटर ग्रुप जॉइन किया। उन्होंने बताया, मुंबई में मैंने अनगिनत ऑडिशन दिए, लगातार रिजेक्शन झेले, लेकिन हार नहीं मानी। लंबे संघर्ष के बाद मुझे पहला टीवी सीरियल मिला। आज भी थियेटर से जुड़े दर्शन कुमार ने युवाओं से कहा कि लाइफ में मुश्किलें बहुत आएंगी, अप्स-एंड-डाउन चलते रहेंगे, बस अपनी मेहनत पर भरोसा रखो और आगे बढ़ते रहो।

राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ आदित्य राज कौल का राष्ट्रवाद पर बड़ा संदेश

वरिष्ठ पत्रकार और राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के विशेषज्ञ आदित्य राज कौल ने युवाओं को संबोधित करते हुए अपनी जर्नलिस्टिक जर्नी साझा की। देश की आंतरिक सुरक्षा पर बात करते हुए उन्होंने युवाओं में देशभक्ति का जज्बा जगाया। आदित्य ने विशेष रूप से अपने संबोधन में कहा, इस देश को अंदर से खोखला करने वाले आतंकवाद और नक्सलिज्म जैसे राष्ट्रविरोधी संगठनों से हम तभी जीत पाएंगे, जब हम जाति और धर्म की दीवारों को भूलकर, एक सूत्र में बंधकर एक होकर काम करेंगे। युवाओं की एकजुटता ही देश की सबसे बड़ी सुरक्षा है।

हिट रहा दीपक संघवी का ‘हैमलेट फॉर्मूला’

मशहूर फूड ब्रांड ‘निलोन्स’ के सीएमडी दीपक संघवी ने बेहद कम उम्र में पिता को खोने के बाद शून्य से निलोन्स जैसी बड़ी कंपनी खड़ी करने की अपनी प्रेरक कहानी बताई। उन्होंने युवाओं को बिजनेस और लाइफ डिसीजन के लिए एक कमाल का फॉर्मूला दिया, जिसे उन्होंने ‘हैमलेट फॉर्मूला’ (Hat, Haircut, Tattoo) नाम दिया। उन्होंने समझाया, बिजनेस में तीन तरह की परिस्थितियां और फैसले होते हैं। पहला ‘हेट (टोपी)’- यानी ऐसा फैसला जिसे आप जब चाहें टोपी की तरह बदल सकते हैं। दूसरा ‘हेयरकट (बाल काटना)’- यानी ऐसा फैसला जिसमें बदलाव के लिए आपको कुछ महीनों तक रुकना पड़ता है। और तीसरा ‘टैटू’- यानी वो फैसला जो जीवनभर के लिए फिक्स हो जाता है, जिससे बाद में पछताना न पड़े। इसलिए बिजनेस और लाइफ में सोच-समझकर सही समय पर सही फैसला लेना बेहद जरूरी है।

कार्यक्रम में संगीत, कला, बिजनेस और डिजिटल मीडिया की कई अन्य बड़ी हस्तियों ने भी शिरकत की, जिनमें मशहूर बॉलीवुड संगीतकार मोंटी शर्मा, उद्यमी एवं ऑरिया लंदन के सह-संस्थापक शोनक शर्मा, देश के लोकप्रिय डिजिटल क्रिएटर्स अमर सिरोही, शिखर चौधरी और देवांश सेठी तथा फिल्म निर्देशक दीपक गर्ग शामिल रहे।

रोलबोल के संस्थापक दर्शन सांखला ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रोलबोल का उद्देश्य युवाओं को ऐसे सकारात्मक विचारों और व्यक्तित्वों से जोड़ना है जो उन्हें अपनी वास्तविक क्षमताओं को पहचानने में मदद करें। रोलबोल पिछले कई वर्षों से रेस्ट ऑफ लाइफ, बेस्ट ऑफ लाइफ के संकल्प के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।

इस भव्य और सफल आयोजन की कमान संस्थापक दर्शन सांखला, कन्वीनर राकेश नवलखा सहित आकाश साहू, नमन कोरी, नीलेश सांखला, अमीषा जैन, सृष्टि यादव, शशांक निगम, अभिषेक पांडे, अनुप मुंद्रा, यश कुकरेजा, शिवरतन गुप्ता और रोलबोल की पूरी टीम ने संभाली, जिनकी कड़ी मेहनत से यह कार्यक्रम रायपुर के इतिहास में एक यादगार अध्याय बन गया।

Ramesh Pandey

Ramesh Pandey

रमेश पांडेय (Ramesh Pandey) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें डिजिटल मीडिया और क्षेत्रीय समाचार रिपोर्टिंग में 20 वर्षों का अनुभव है।