छत्तीसगढ़

सकारात्मक सोच, मानवीय मूल्य, नवाचार और तकनीक सफलता के मूलमंत्र

Ramesh Pandey
By Ramesh Pandey On अक्टूबर 5, 2026
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रोल-बोल

रायपुर, 5 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका रोल-बोल सामाजिक संस्था द्वारा आयोजित ‘रोल बोल यूथ कॉन्क्लेव-2026’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने सकारात्मक सोच, मानवीय मूल्यों, नवाचार और तकनीक के जिम्मेदार उपयोग को जीवन की सफलता के लिए महत्वपूर्ण बताया।

मेडिकल कॉलेज के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यपाल श्री डेका ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि जीवन में सकारात्मकता बहुत आवश्यक है। हमें हमेशा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए। नकारात्मक सोच के साथ सफलता प्राप्त करना कठिन है। उन्होंने कहा कि ‘रोल -बोल–रेस्ट ऑफ लाइफ, बेस्ट ऑफ लाइफ’ जीवन को सकारात्मक दृष्टि से देखने और अपने साथ-साथ दूसरों के जीवन को बेहतर बनाने की सोच का संदेश देता है।

उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि जो हो गया, उसे पीछे छोड़कर और भविष्य की अनावश्यक चिंता किए बिना वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। हमारे जीवन की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों से नहीं, बल्कि इस बात से भी जुड़ी है कि हमने कितने अच्छे संबंध बनाए हैं और परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों तथा पड़ोसियों के साथ हमारे संबंध कैसे हैं।

राज्यपाल ने कहा कि हार को भी स्वीकार करना चाहिए, क्योंकि हार हमें कठिन परिश्रम करने और अगली बार बेहतर प्रदर्शन कर जीत हासिल करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि आज इंटरनेट और तकनीक ने पूरी दुनिया को हमारी पहुंच में ला दिया है। गूगल के माध्यम से बहुत-सी जानकारियां आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं, लेकिन युवाओं में मौलिक सोच, मानसिक अभ्यास और स्वयं खोज करने की क्षमता विकसित होना भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि नई खोज, नवाचार और नई संभावनाओं को तलाशने की क्षमता मानव जीवन की विशेषता है। विज्ञान और तकनीक ने जीवनशैली में व्यापक परिवर्तन किए हैं और इसका प्रमुख आधार निरंतर नवाचार है। शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी प्राप्त करना नहीं, बल्कि मानव जीवन को बेहतर बनाना भी है। तकनीक का विकास निरंतर जारी रहेगा, लेकिन उसका उपयोग समाज और मानवता के हित में होना चाहिए।

राज्यपाल श्री डेका ने युवाओं से कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग सोच-समझकर और जिम्मेदारी के साथ करें। सोशल मीडिया पर फेक न्यूज, भ्रामक सामग्री और डीपफेक जैसी चुनौतियों से स्वयं को और समाज को सुरक्षित रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मशीन बुद्धिमान हो सकती है, लेकिन मानवता मनुष्य के भीतर ही रहती है। तकनीक कितनी भी विकसित हो जाए, वह मानवीय संवेदनाओं और मूल्यों का स्थान नहीं ले सकती।

उन्होंने कहा कि जीवन में चरित्र का बहुत महत्व है। हमें अपने संबंधों को सहेजकर रखना चाहिए और सफलता मिलने पर भी विनम्र बने रहना चाहिए। ज्ञान लीजिए, ज्ञान दीजिए और इसका दान करिए यही सच्ची मानवीय परंपरा है।

राज्यपाल ने कहा कि मानव का बौद्धिक गुण सर्वोपरि है। तकनीक का उपयोग रचनात्मक कार्यों और समाज के कल्याण के लिए होना चाहिए, न कि विनाश के लिए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस कार्यक्रम के माध्यम से युवा एक सकारात्मक संदेश लेकर जाएंगे

कार्यक्रम में कौशल उन्नयन, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहिब, बॉलीवुड संगीतकार मोंटी शर्मा, रोल -बोल संस्था के पदाधिकारी तथा राजनीति, मीडिया, उद्योग और सिनेमा से जुड़े विशिष्टजन उपस्थित थे।

Ramesh Pandey

Ramesh Pandey

रमेश पांडेय (Ramesh Pandey) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें डिजिटल मीडिया और क्षेत्रीय समाचार रिपोर्टिंग में 20 वर्षों का अनुभव है।