Highlights
- हरमनप्रीत ने कुल 15 बाउंड्री लगाईं और भारत को 200 रन के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई
- शेफाली वर्मा ने 37 गेंदों पर 69 रन बनाए, जिसमें छह चौके और पांच छक्के शामिल रहे
रायपुर, 20 अक्टूबर 2026। विजयदशमी पर रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह क्रिकेट स्टेडियम में भारतीय महिला टीम ने इतिहास रच दिया। स्मृति मंधाना की कप्तानी में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 3-0 से टी20 सीरीज जीत लिया।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे और आखिरी टी20 मुकाबले में 92 रनों से शानदार जीत दर्ज कर तीन मैचों की सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 216 रन बनाए। यह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारतीय महिला टीम का चौथा सबसे बड़ा स्कोर रहा। जवाब में जिम्बाब्वे की टीम निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट पर 124 रन ही बना सकी। इस जीत के साथ स्मृति मंधाना की अगुवाई में भारतीय टीम ने अपनी पहली सीरीज भी जीत ली।
हरमनप्रीत कौर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की जमकर खबर ली। उन्होंने 41 गेंदों पर नाबाद 91 रन बनाए। उनकी पारी में 10 चौके और पांच छक्के शामिल रहे। इस तरह हरमनप्रीत ने कुल 15 बाउंड्री लगाईं और भारत को 200 रन के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। वह अपने टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक से महज नौ रन दूर रह गईं। हरमनप्रीत की यह पारी टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारतीय महिला टीम के लिए चौथे या उससे निचले क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। इससे पहले उन्होंने 2018 के टी20 विश्व कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ 103 रन की विस्फोटक पारी खेली थी।
सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने भी जिम्बाब्वे के खिलाफ आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने 37 गेंदों पर 69 रन बनाए, जिसमें छह चौके और पांच छक्के शामिल रहे। शेफाली ने अपनी पारी के दौरान जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। शेफाली और हरमनप्रीत के बीच तीसरे विकेट के लिए 41 गेंदों पर 84 रनों की अहम साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने भारतीय पारी को मजबूती दी और टीम को बड़े स्कोर की ओर अग्रसर किया।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को शेफाली वर्मा और अनुष्का शर्मा ने तेज शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 5.2 ओवर में 54 रन जोड़े। अनुष्का ने 20 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 28 रन बनाए। इसके बाद निकी प्रसाद नौ रन बनाकर आउट हो गईं। शुरुआती विकेट गिरने के बावजूद भारतीय बल्लेबाजों ने रन गति पर असर नहीं पड़ने दिया। शेफाली और हरमनप्रीत की दमदार पारियों की बदौलत भारत ने 20 ओवर में सात विकेट पर 216 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जिम्बाब्वे की ओर से बिलव्ड बिजा सबसे सफल गेंदबाज रहीं। उन्होंने चार ओवर में 50 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। नोमवेलो सिबांडा, तेंडाई मकुशा और न्याशा ग्वानजुरा को एक-एक विकेट मिला।
217 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने संघर्ष करती नजर आई। टीम निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट खोकर 124 रन ही बना सकी और उसे 92 रनों से हार का सामना करना पड़ा। भारतीय टीम ने बल्लेबाजी के बाद गेंदबाजी में भी दबदबा बनाए रखा और मुकाबले को एकतरफा अंदाज में अपने नाम किया।
जिम्बाब्वे के खिलाफ 216 रन बनाने के साथ भारतीय महिला टीम ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना चौथा सबसे बड़ा स्कोर दर्ज किया। इससे पहले भारत ने 2025 में श्रीलंका के खिलाफ तिरुवनंतपुरम में दो विकेट पर 221 रन बनाए थे। वहीं, 2024 में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारतीय टीम ने चार विकेट पर 217 रन बनाए थे।
साल 2026 में एशियन गेम्स के दौरान श्रीलंका के खिलाफ भारत ने तीन विकेट पर 216 रन बनाए थे। इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने कुल 11 छक्के लगाए। एशियन गेम्स में श्रीलंका के खिलाफ भारत एक पारी में 13 छक्के जड़ चुका है, जबकि बांग्लादेश के खिलाफ उसी प्रतियोगिता में टीम ने 12 छक्के लगाए थे।
भारतीय महिला टीम ने साल 2026 में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब तक 128 छक्के लगाए हैं, जो किसी भी देश की महिला टीम के लिए एक कैलेंडर वर्ष में सर्वाधिक है। इस सूची में दक्षिण अफ्रीका 77 छक्कों के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि पाकिस्तान की महिला टीम 63 छक्के लगा चुकी है। भारत ने इससे पहले 2018 में टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में कुल 67 छक्के लगाए थे, जबकि 2022 में टीम के नाम 65 छक्के रहे थे। जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले में भी भारतीय बल्लेबाजों ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से इस रिकॉर्ड में योगदान दिया।
जिम्बाब्वे के खिलाफ 3-0 की क्लीन स्वीप भारतीय महिला टीम के लिए खास रही। स्मृति मंधाना की अगुवाई में टीम ने पहली बार सीरीज अपने नाम की। निर्णायक मुकाबले में बल्लेबाजों के आक्रामक प्रदर्शन और गेंदबाजों के अनुशासित प्रयास ने भारत को बड़ी जीत दिलाई। इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने सीरीज में अपना दबदबा साबित करते हुए नए कप्तानी दौर की शुरुआत यादगार बना दी।
