छत्तीसगढ़

रायपुर में पत्रकारिता की पढ़ाई को मिलेगी नई धार, कुशाभाऊ ठाकरे और गुरु घासीदास विवि ने मिलाया हाथ

Ramesh Pandey
By Ramesh Pandey On अक्टूबर 24, 2026
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कुशाभाऊ ठाकरे और गुरु घासीदास विवि ने मिलाया हाथ

Highlights

  • डिजिटल मीडिया, एआई और शोध में बढ़ेगा सहयोग
    विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, तकनीकी प्रशिक्षण और संयुक्त कायर्शालाओं के मिलेंगे अवसर

रायपुर, 24 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पत्रकारिता की पढाई कर रहे विद्यार्थियों को अब और नये तौर तरीकों की जानकारी मिल सकेगी। इसके लिए यहां के कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय ने गुरु घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय के साथ एमओयू किया है। दोनो विश्वविद्यालय मिलकर पत्रकारिता एवं जनसंचार की शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, आधुनिक और शोधोन्मुख बनाएंगे।

यह एमओयू 24 अक्टूबर 2026 को संपन्न हुआ। दोनों संस्थानों के बीच हुए इस समझौते से शैक्षणिक संसाधनों और विशेषज्ञता के साझा उपयोग का रास्ता खुलेगा। साथ ही इंटर्नशिप, फैकल्टी एक्सचेंज, संयुक्त कार्यशालाओं और अकादमिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को पत्रकारिता के बदलते स्वरूप को समझने तथा व्यावहारिक अनुभव हासिल करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

बदलते मीडिया दौर के अनुरूप तैयार होंगे युवा पत्रकार

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. मनोज दयाल ने कहा कि वर्तमान समय में मीडिया का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। पारंपरिक पत्रकारिता के साथ डिजिटल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित संचार ने नई चुनौतियां और संभावनाएं पैदा की हैं। ऐसे में पत्रकारिता के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और व्यावहारिक कौशल से लैस करना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि अब दोनों संस्थानों के विद्यार्थी और शोधार्थी एक-दूसरे के परिसरों, संसाधनों और विशेषज्ञता का लाभ उठा सकेंगे। कुलपति ने कहा कि उद्देश्य ऐसे सक्षम और संवेदनशील युवा पत्रकार तैयार करना है, जो समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज बन सकें तथा भारतीय ज्ञान परंपरा के साथ आधुनिक तकनीकी कौशल में भी दक्ष हों।

इंटर्नशिप और संयुक्त कार्यशालाओं को मिलेगा बढ़ावा

विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुनील शर्मा ने इस समझौते को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में दूरदर्शी कदम बताया। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग से उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होता है। इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप, शिक्षकों के आदान-प्रदान और संयुक्त कार्यशालाओं के अवसर भी विकसित किए जा सकते हैं।

इस तरह की पहल से विद्यार्थियों को कक्षा में मिलने वाली सैद्धांतिक शिक्षा के साथ व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने में मदद मिलेगी। वहीं, शोधार्थियों और शिक्षकों के बीच संवाद बढ़ने से मीडिया अध्ययन तथा जनसंचार के नए विषयों पर संयुक्त अकादमिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिल सकता है।

दोनों विश्वविद्यालयों के अधिकारी मौजूद रहे

एमओयू हस्ताक्षर समारोह में गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अश्विनी दीक्षित सहित दोनों विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभागाध्यक्ष डॉ. धीरज शुक्ला और प्रो. डॉ. नरेंद्र लकपाले ने भी इस अकादमिक सहभागिता के व्यावहारिक पहलुओं पर विचार रखे।

इस अवसर पर डॉ. शैलेंद्र खंडेलवाल, पंकज नयन पांडेय, डॉ. राजेंद्र मोहंती, डॉ. नृपेंद्र शर्मा और डॉ. आशुतोष मंडावी सहित अन्य अधिकारी एवं शिक्षाविद उपस्थित रहे।

Ramesh Pandey

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रमेश पांडेय (Ramesh Pandey) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें डिजिटल मीडिया और क्षेत्रीय समाचार रिपोर्टिंग में 20 वर्षों का अनुभव है।