रायपुर, 24 अक्टूबर 2026। शैक्षणिक अनुसंधान को व्यावहारिक औद्योगिक समाधानों में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर और डीप-टेक स्टार्टअप अवकलन लैब्स प्राइवेट लिमिटेड ने एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का प्राथमिक उद्देश्य कम्प्यूटेशनल इंजीनियरिंग, एडवांस्ड सिमुलेशन टेक्नोलॉजीज और इंजीनियरिंग अनुप्रयोगों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के व्यावहारिक उपयोग को गति प्रदान करना है, जिससे प्रयोगशालाओं में विकसित ज्ञान को औद्योगिक स्तर पर उपयोगी बनाया जा सके।
इस समझौता ज्ञापन पर एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एनवी रमना राव और अवकलन लैब्स के निदेशक एवं सह-संस्थापक डॉ. कमल शंकर पटेल ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. गंगाधर रामटेक्कर, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. एस. सान्याल और सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. शिरीष वी. देव उपस्थित रहे। समझौते के तहत सभी संयुक्त पहलों का समन्वय प्रो. गंगाधर रामटेक्कर, डॉ. मोहित जायसवाल (सहायक प्राध्यापक, सिविल इंजीनियरिंग) और डॉ. कमल शंकर पटेल की संयुक्त देखरेख में किया जाएगा।
इस साझेदारी के तहत दोनों संस्थान कम्प्यूटेशनल मैकेनिक्स, फाइनाइट एलिमेंट एनालिसिस और मल्टीफिजिक्स सिमुलेशन जैसे उच्च-तकनीकी क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान, औद्योगिक प्रशिक्षण, छात्र इंटर्नशिप और अकादमिक परियोजनाओं का संचालन करेंगे। इसके अतिरिक्त, यह समझौता उद्योग की व्यावहारिक चुनौतियों से जुड़े एम.टेक. और डॉक्टोरल (पीएचडी) शोध के लिए उद्योग-प्रायोजित अवसर उपलब्ध कराने का ढांचा भी तैयार करता है, जिससे संयुक्त शोध पत्रों के प्रकाशन, पेटेंट पंजीकरण और नई तकनीकों के व्यावसायीकरण को प्रोत्साहन मिलेगा।
इस रणनीतिक समझौते का एक प्रमुख आयाम एनआईटी रायपुर में कम्प्यूटेशनल मैकेनिक्स के लिए एक विशेष ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना की संभावनाओं को तलाशना है। यह प्रस्तावित केंद्र स्ट्रक्चरल मैकेनिक्स, इंजीनियरिंग ऑप्टिमाइजेशन और हाई-परफॉर्मेंस कम्प्यूटिंग के क्षेत्र में उन्नत अनुसंधान, विशेष कौशल प्रशिक्षण और नए कम्प्यूटेशनल तरीकों के विकास का आधार बनेगा, जिससे छात्रों को वास्तविक औद्योगिक समस्याओं को हल करने का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होगा।
आईआईटी रुड़की से इनक्यूबेट होकर वर्ष 2025 में रायपुर स्थानांतरित हुई अवकलन लैब्स के साथ यह समन्वय छत्तीसगढ़ के स्थानीय अनुसंधान और डीप-टेक नवाचार परिवेश को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगा। यह साझेदारी उच्च स्तरीय प्रतिभाओं के निर्माण, स्थानीय तकनीकी क्षमताओं के विस्तार और भारत के औद्योगिक व सामाजिक विकास में अकादमिक विशेषज्ञता के प्रभावी उपयोग का मार्ग प्रशस्त करेगी।
