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श्रम संहिता केन्द्र सरकार का क्रांतिकारी कदम

श्रम संहिता केन्द्र सरकार का क्रांतिकारी कदम, बदलेगी श्रमिकों की तकदीर

रायपुर, 22 दिसंबर 2025। नई श्रम संहिता केन्द्र सरकार का क्रांतिकारी कदम है। इससे न केवल श्रमिकों को लाभ मिलेगा बल्कि देश में औद्योगिक कार्यशैली पूरी तरह से बदल जाएगी। देश की जीडीपी बढ़ेगी। महिलाओं को भी रोजगार के व्यापक अवसर मिलेंगे। यह सब कैसे होगा और किस प्रकार से श्रमिकों को लाभ मिलेगा। इसकी जानकारी देने के लिए 22 दिसंबर को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पीआईबी ने एक विशेष मीडिया वार्ता कार्यक्रम आयोजित किया।

सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य फोकस श्रम और श्रम संहिता से जुड़े प्रावधानों पर रहा। इस मीडिया वार्ता में श्रम विभाग के क्षेत्रीय श्रमायुक्त अंकुर शर्मा, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के आयुक्त गौरव डोंगरा तथा कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के उप निदेशक धीरेन्द्र पटनायक उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत पीआईबी के सहायक निदेशक रमेश जायभाये ने करते हुए तीनों अधिकारियों का मीडिया प्रतिनिधियों से परिचय कराया।

मीडिया को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय श्रमायुक्त अंकुर शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार ने देश के श्रमिकों के हितों को मजबूत करने और श्रम कानूनों को सरल बनाने के उद्देश्य से चार श्रम संहिताएं लागू की हैं। इनमें वेतन संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशा संहिता शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन श्रम संहिताओं का उद्देश्य श्रमिकों को समय पर वेतन, सुरक्षित कार्य वातावरण और व्यापक सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।

अंकुर शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि श्रम संहिता के माध्यम से नियोक्ताओं और उद्योगों के लिए नियमों का अनुपालन आसान हुआ है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और औद्योगिक वातावरण अधिक पारदर्शी बनेगा। इससे श्रमिकों और नियोक्ताओं के बीच विश्वास मजबूत होगा।

ईपीएफओ आयुक्त गौरव डोंगरा ने श्रम संहिता के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि भविष्य निधि प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल किया गया है। यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) के माध्यम से श्रमिक अपने पीएफ खाते की जानकारी, जमा राशि और क्लेम की स्थिति ऑनलाइन देख सकते हैं। इससे संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के श्रमिकों को सीधा लाभ मिल रहा है।

ईएसआईसी के उप निदेशक धीरेन्द्र पटनायक ने श्रम संहिता के तहत स्वास्थ्य और बीमा सुरक्षा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कर्मचारी राज्य बीमा योजना श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर चिकित्सा सुविधा, मातृत्व लाभ और दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि अधिक से अधिक श्रमिकों को इस दायरे में लाने के लिए ईएसआईसी नेटवर्क का लगातार विस्तार किया जा रहा है।

मीडिया वार्ता के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने श्रम और श्रम संहिता को लेकर मीडिया प्रतिनिधियों के सवालों के जवाब दिए और फैली भ्रांतियों को दूर किया। उन्होंने कहा कि मीडिया के सहयोग से श्रम संहिता की जानकारी जन-जन तक पहुंचेगी, जिससे श्रमिक अपने अधिकारों को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे और उनका लाभ उठा सकेंगे।