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अलीगढ़ बीएसए राकेश सिंह की प्रेरणादायी पोस्ट से शिक्षकों में उत्साह

अलीगढ़ बीएसए के प्रेरणादायी पोस्ट से बढ़ा शिक्षकों का उत्साह

अलीगढ़, 6 नवंबर 2025। यूपी के अलीगढ़ जिले के बीएसए राकेश सिंह ने 5 नवंबर को सोशल मीडिया पर एक प्रेरणादायी पोस्ट साझा की, जिसने शिक्षकों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास भर दिया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में समाज में शिक्षकों की अहम भूमिका, उनकी सेवा भावना और निष्ठा की सराहना की।

बीएसए राकेश सिंह ने लिखा कि आए दिन सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें वायरल होती हैं कि शिक्षकों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है या उनकी सेवाएं समाप्त की जा सकती हैं। इस तरह की नकारात्मक खबरें शिक्षकों का मनोबल गिराने का प्रयास हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की अफवाहें कुछ निजी संस्थानों या व्यक्तिगत हित साधने वालों द्वारा फैलायी जा रही हैं, जबकि सच्चाई बिल्कुल इसके विपरीत है।

उन्होंने आगे लिखा कि शिक्षक समाज के सबसे सम्मानित व्यक्ति हैं, जिन्होंने हर समय अपना कर्तव्य निभाया है। जब कोविड महामारी के दौरान लोग अपने घरों में बंद थे और एक-दूसरे से दूरी बना रहे थे, तब हमारे शिक्षक निडर होकर समाज की सेवा में जुटे रहे।

बीएसए ने लिखा कि शिक्षकों ने उस कठिन दौर में न केवल शिक्षा की निरंतरता बनाए रखी, बल्कि जरूरतमंदों की मदद भी की। शिक्षक ही वह व्यक्ति है जो खुद जलकर दूसरों के जीवन में उजाला फैलाता है। वह हर चुनौती का सामना धैर्य और साहस से करता है।

राकेश सिंह ने अपनी पोस्ट में यह भी बताया कि शिक्षक सिर्फ पढ़ाने वाला नहीं बल्कि समाज की नींव हैं।

शिक्षक समाज की रीढ़, हर युग में निभाई अहम भूमिका

राकेश सिंह ने आगे कहा कि शिक्षक सदियों से समाज की रीढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि रामायण और महाभारत काल में भी शिक्षकों की भूमिका सर्वोच्च थी। हमारे महान शिक्षक चाणक्य ने अखंड भारत की अवधारणा प्रस्तुत की थी अटक से कटक और कश्मीर से कन्याकुमारी तक।

उन्होंने कहा कि शिक्षक आत्मनिर्भर और समाज के संरक्षण के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। हमें शिक्षकों को ब्लैक एंड व्हाइट नजरिए से नहीं, बल्कि रंगीन दृष्टि से देखना होगा। जब समाज शिक्षक को सम्मान की दृष्टि से देखेगा, तो देश की तस्वीर खुद बदल जाएगी।

बीएसए ने पोस्ट के अंत में लिखा, शिक्षक तब भी सुरक्षित था, आज भी सुरक्षित है और कल भी रहेगा, क्योंकि हम सभी की दुआएं उसके साथ हैं। उन्होंने जय हिंद, जय शिक्षक के नारे के साथ अपने संदेश को समाप्त किया।

राकेश सिंह की यह पोस्ट अब शिक्षकों और अभिभावकों के बीच प्रेरणा का स्रोत बन गई है और यह संदेश दे रही है कि शिक्षक केवल शिक्षा देने वाला नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का सबसे बड़ा आधार स्तंभ है।