कोरिया जिले के 154 आदिवासी बहुल गांवों में पहुंचेगी सरकारी योजनाओं की रोशनी

कोरिया जिले के 154 आदिवासी बहुल गांवों में पहुंचेगी सरकारी योजनाओं की रोशनी

कोरिया, 6 जून 2025। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में 154 आदिवासी बहुल गांवों में सरकारी योजनाओं की रोशनी पहुंचने जा रही है। आदिवासी क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की पहुंच और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत विशेष शिविरों का आयोजन 15 से 30 जून 2025 तक किया जाएगा। … Read more

एम्स रायपुर के नर्सिंग अधिकारी ने तैयार की HOAC डिवाइस, मिला पेटेंट

एम्स रायपुर के नर्सिंग अधिकारी ने तैयार की HOAC डिवाइस, मिला पेटेंट

रायपुर, 4 जून 2025। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्थित एम्स, जिसे एम्स रायपुर के नाम से जानते हैं, वहां पदस्थ नर्सिंग अधिकारी अरोकियाराज यू. ने एक अनोखी डिवाइस तैयार किया है। इसका नाम हाईली ऑक्सीजनेटेड एरोसोल कंट्रोल्ड (HOAC) कॉम्बो डिवाइस है। यह चिकित्सा प्रक्रियाओं के दौरान संक्रमण से बचाएगा। इस इनोवेटिव HOAC डिवाइस को … Read more

रामराज फाउंडेशन के जरिए रायपुर की मां हर दिन जरुरतमंदों को खिला रही प्रसाद

रायपुर, 2 जून 2025। कभी हालात ऐसे थे कि दो वक्त की रोटी भी मयस्सर नहीं थी। पड़ोसी बच्चों को खाना खिला रहे थे, स्कूल की फीस भर रहे थे। आंखों में आंसू, दिल में बेबसी, और सिर पर जिम्मेदारियों का बोझ था। लेकिन आज वही महिला हजारों भूखों का सहारा बन चुकी है। यह कहानी है रायपुर के शैलेन्द्र नगर की रहने वाली शोभा बावनकर की जो एक मां, एक योद्धा, और अब एक समाजसेविका हैं। साल 2008 से 2014 तक शोभा का जीवन संघर्षों से भरा हुआ था। दो छोटे बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी अकेले उनके कंधों पर थी। उन दिनों बच्चों की आंखों में उम्मीद देख, खाली थाली की चिंता होती थी। लेकिन शोभा ने हार नहीं मानी। संघर्षों के बीच उन्होंने खुद को मजबूत किया और एक वचन लिया- जब भी ऊपरवाला मुझे कुछ देगा, मैं उसका हिस्सा जरूर उन लोगों तक पहुंचाऊंगी, जो आज जैसी स्थिति में होंगे। समय बदला, और 2014 के बाद धीरे-धीरे उनकी मेहनत रंग लाने लगी। उन्होंने वेलनेस कोचिंग का क्षेत्र चुना और 22 आउटलेट्स की मालिक बन गईं। आज उनके पास खुद का सुंदर बंग्ला है, थार जैसी लक्ज़री गाड़ी है, और समाज में एक पहचान है। लेकिन शोभा को कभी भी इस सफलता का घमंड नहीं हुआ। उन्हें हमेशा उन दिनों की याद रही, जब एक रोटी भी किसी वरदान से कम नहीं लगती थी। यही कारण है कि 2024 में जब उनके बेटे लक्ष्य ने उन्हें बताया कि वह हनुमान जी का भक्त है और जीवन में कुछ बड़ा करना चाहता है, तो शोभा ने यह अवसर अपने संकल्प को साकार करने के रूप में लिया। उन्होंने बेटी कामिनी और बेटे लक्ष्य के साथ मिलकर रामराज फाउंडेशन की स्थापना की। इस फाउंडेशन का एकमात्र उद्देश्य है- भूखे पेट को भरना, और वह भी प्रसाद के रूप में। 15 दिसंबर 2024 से रामराज फाउंडेशन लगातार गरीब और असहाय लोगों तक भोजन पहुंचा रहा है। शोभा मानती हैं कि जब भोजन भगवान को भोग लग जाता है, तब वह प्रसाद बन जाता है। और जब कोई व्यक्ति प्रसाद ग्रहण करता है, तो उसके जीवन में सिर्फ पेट की भूख ही नहीं, आत्मा की तृप्ति भी होती है। शोभा की इस सोच ने ही उन्हें इस्कॉन से जोड़ दिया। अब उनका फाउंडेशन जल्द ही इस्कॉन के सहयोग से प्रसादम वितरण करेगा। इस साझेदारी के पीछे उनका उद्देश्य सिर्फ पेट भरना नहीं, बल्कि जीवन में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करना भी है। शोभा के बेटे लक्ष्य और बेटी कामिनी भी उनके इस मिशन में कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। लक्ष्य स्वयं कई बार भोजन वितरण के लिए गाड़ियों में बैठकर बस्तियों में जाता है, लोगों से मिलता है, उन्हें सुनता है और उन्हें भोजन का आदर करना सिखाता है। कामिनी योजना और लॉजिस्टिक्स की जिम्मेदारी संभालती हैं, ताकि कोई भूखा न रहे। शोभा कहती हैं, भूख एक एहसास है, जिसे सिर्फ वही समझ सकता है जिसने उसे जिया हो। जब बच्चों की आंखों में रोटी की उम्मीद दिखती थी, तब मैंने अपने भीतर एक वचन लिया था। आज जब मैं किसी को मुस्कुराते हुए खाना खाते देखती हूं, तो मुझे लगता है जैसे मेरा हर संघर्ष सफल हो गया। आज शोभा बावनकर सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि एक प्रेरणा हैं। उन्होंने यह सिखाया कि कठिनाइयां चाहे जितनी भी बड़ी हों, अगर इरादा मजबूत हो, तो वह किसी को भी दूसरों की जिंदगी बदलने वाला बना सकती हैं। इस कठिन सफर ने उन्हें न सिर्फ एक सफल महिला उद्यमी बनाया, बल्कि एक ऐसी मां, और एक दूत बना दिया है, जो भूख से लड़ते हजारों लोगों के लिए आशा की किरण हैं। शोभा बावनकर की यह कहानी हर उस व्यक्ति को संबल देती है, जो आज हार मान बैठा है। वह बताती हैं कि अंधेरे में भी रास्ता होता है, बशर्ते आप खुद को जलाना जानते हों। उनकी यह यात्रा साबित करती है कि जीवन की असली सफलता धन में नहीं, बल्कि उस क्षण में है जब आप किसी के जीवन में रोशनी भरते हैं। अगर हम सभी अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार समाज को थोड़ा-थोड़ा लौटाएं, तो शायद इस दुनिया से भूख, दर्द और अकेलापन खत्म हो सकता है। शोभा बावनकर जैसी कहानियां हमें यह याद दिलाती हैं कि इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है।

रायपुर, 2 जून 2025। कभी हालात ऐसे थे कि दो वक्त की रोटी भी मयस्सर नहीं थी। पड़ोसी बच्चों को खाना खिला रहे थे, स्कूल की फीस भर रहे थे। आंखों में आंसू, दिल में बेबसी, और सिर पर जिम्मेदारियों का बोझ था। लेकिन आज वही महिला हजारों भूखों का सहारा बन चुकी है। यह … Read more

पीयूष मिश्रा बने छत्तीसगढ़ में सेन्ट्रल इंडिया प्रेस क्लब के मुखिया

पीयूष मिश्रा बने छत्तीसगढ़ में सेन्ट्रल इंडिया प्रेस क्लब के मुखिया

रायपुर, 1 जून 2025। छत्तीसगढ़ में रविवार 1 जून 2025 को सेन्ट्रल इंडिया प्रेस क्लब की छत्तीसगढ़ इकाई के मुखिया के तौर पर वरिष्ठ पत्रकार पीयूष मिश्रा को जिम्मेदारी सौंपी गयी है। सेन्ट्रल इंडिया प्रेस क्लब के मुख्य ट्रस्टी विजय कुमार दास ने इसकी औपचारिक घोषणा की। विजय कुमार दास ने इसके कार्यप्रणाली और उद्देश्यों … Read more

रायपुर एयरपोर्ट पर खुलेआम भ्रष्टाचार: पार्किंग शुल्क के नाम पर लूट, मोदी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर उठे सवाल

रायपुर एयरपोर्ट पर खुलेआम भ्रष्टाचार: पार्किंग शुल्क के नाम पर लूट, मोदी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर उठे सवाल

रायपुर, 1 जून 2025। मोदी सरकार की ओर से बार-बार यह दावा किया जाता है कि देश में भ्रष्टाचार को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई गई है, लेकिन जमीनी सच्चाई इससे बिल्कुल अलग नजर आती है। इसका ताजा उदाहरण छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्थित स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट माना पर सामने आया है, जहां … Read more

छत्तीसगढ़ चेंबर आफ कॉमर्स: नवगठित पदाधिकारियों का परिचय सम्मेलन, व्यापारियों के हित में नई पहल की शुरुआत

छत्तीसगढ़ चेंबर आफ कॉमर्स: नवगठित पदाधिकारियों का परिचय सम्मेलन, व्यापारियों के हित में नई पहल की शुरुआत

चेंबर के कर्मचारियों के वेतन में 10 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि की घोषणा की गई और 200 से अधिक नए सदस्यों को चेंबर से जोड़ा गया रायपुर, 31 मई 2025। छत्तीसगढ़ चेंबर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के रायपुर कार्यालय में शनिवार 31 मई को नवगठित पदाधिकारियों का परिचय सम्मेलन और नियुक्ति पत्र वितरण समारोह आयोजित … Read more