छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ की महिलाओं को लखपति बनाएगा आईबी ग्रुप

Ramesh Pandey
By Ramesh Pandey On अप्रैल 7, 2025
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छत्तीसगढ़ की महिलाओं को लखपति बनाएगा आईबी ग्रुप

रायपुर में शुरू हुआ देश का सबसे बड़ा पोल्ट्री कॉन्क्लेव

रायपुर, 7 अप्रैल 2025। आईबी ग्रुप छत्तीसगढ़ की महिलाओं को पोल्ट्री व्यवसाय से जोड़कर उन्हें लखपति बनाएगा। इसके लिए आईबी ग्रुप ने केन्द्र सरकार की लखपति दीदी योजना की तर्ज पर अस्मिता योजना शुरू करने का ऐलन किया है। इसकी जानकारी सोमवार 7 अप्रैल 2025 को आईबी ग्रुप के एमडी बहादुर अली ने मीडिया को दी। वे रायपुर प्रेस क्लब में पत्रकारों से मुखातिब थे।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सोमवार को दो दिवसीय पोल्ट्री कॉन्क्लेव का शानदार शुभारंभ हुआ। यह आयोजन देश का सबसे बड़ा पोल्ट्री कॉन्क्लेव माना जा रहा है, जिसमें देशभर के पोल्ट्री फार्मर्स और ट्रेडर्स हिस्सा ले रहे हैं। आईबी ग्रुप के प्रबंध निदेशक (एमडी) बहादुर अली और डायरेक्टर श्रीमती जोया आफरीन आलम ने रायपुर प्रेस क्लब में पत्रकारों को विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि यह कॉन्क्लेव न केवल पोल्ट्री उद्योग को नई दिशा देगा, बल्कि छत्तीसगढ़ को देश का पहला प्रोटीन हब बनाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि एक पोल्ट्री फार्म की स्थापना से आसपास के 300 से 500 लोगों, इसमें पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल हैं, को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलता है। इसीलिए उन्होंने छत्तीसगढ़ के सभी सरपंचों से अपील की कि वे आईबी ग्रुप के साथ जुड़कर अपने गांवों में पोल्ट्री फार्म स्थापित करें, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।

कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा व्यवस्था करेंगे

इसके अलावा, बहादुर अली ने पोल्ट्री से जुडे कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उनका भविष्य संवरेगा। आईबी ग्रुप, जो देश के पोल्ट्री व्यवसाय में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है, छत्तीसगढ़ को प्रोटीन उत्पादन का केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। कॉन्क्लेव में इस दिशा में तकनीकी और व्यवसायिक विस्तार पर चर्चा होगी, जिसमें आधुनिक पोल्ट्री तकनीकों की जानकारी दी जाएगी।

छत्तीसगढ़ को प्रोट्रीन हब राज्य बनाएंगे

एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू के तौर पर बहादुर अली ने मक्का खेती को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने बताया कि आने वाले दशक में छत्तीसगढ़ के किसान धान के विकल्प के रूप में मक्के की खेती की ओर बढ़ सकते हैं।

मक्का की खेती न केवल सुरक्षित और पानी की कम जरूरत वाली है, बल्कि इससे किसानों की आय भी बढ़ेगी। यह पोल्ट्री उद्योग के लिए कच्चे माल की आपूर्ति में भी सहायक होगी। इस कॉन्क्लेव के जरिए आईबी ग्रुप का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को न केवल प्रोटीन हब बनाना है, बल्कि इसे आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त राज्य के रूप में स्थापित करना भी है। यह आयोजन राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

Ramesh Pandey

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रमेश पांडेय (Ramesh Pandey) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें डिजिटल मीडिया और क्षेत्रीय समाचार रिपोर्टिंग में 20 वर्षों का अनुभव है।