छत्तीसगढ़

स्वस्थ रहने दिनचर्या में शारीरिक सक्रियता और संतुलित आहार शामिल करें

Ramesh Pandey
By Ramesh Pandey On जुलाई 4, 2026
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स्वस्थ रहने दिनचर्या में शारीरिक सक्रियता और संतुलित आहार शामिल करें

रायपुर, 4 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज ने स्वास्थ्य जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला वर्तमान समय में घुटनों और जोड़ों की गंभीर समस्याओं और उनके आधुनिकतम उपचार रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट विषय पर केंद्रित थी।

कार्यक्रम में डॉ. पंकज धाबलिया रायपुर के एक अत्यंत प्रतिष्ठित और अनुभवी हड्डी रोग विशेषज्ञ, रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल्स, में ऑर्थोपेडिक्स, जॉइंट रिप्लेसमेंट और स्पोर्ट्स इंजरी विभाग के प्रमुख मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि एक आर्थोपेडिक सर्जन के रूप में हमारा काम सिर्फ हड्डियों को जोड़ना नहीं है, बल्कि मरीज के जीवन की गतिशीलता को वापस लौटाना है।

तकनीकी रूप से उन्नत होना जरूरी है, लेकिन उसके साथ ही मरीज के प्रति संवेदनशीलता और उसकी मानसिक स्थिति को समझना भी उतना ही आवश्यक है। आज की गतिहीन जीवनशैली हमारी हड्डियों को समय से पहले कमजोर कर रही है। दवाओं से ज्यादा जरूरी है कि आप अपनी दिनचर्या में शारीरिक सक्रियता और संतुलित आहार को शामिल करें। आपकी हड्डियों की मजबूती ही आपके बुढ़ापे का असली सहारा है।

इस चिकित्सा संगोष्ठी में चेम्बर के समस्त शीर्ष पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य नागरिक और व्यापारी उपस्थित हुए। चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने कहा कि व्यापार और उद्योग जगत के संचालन में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की भूमिका सर्वोपरि है। निरंतर व्यस्त दिनचर्या और अत्यधिक तनाव के कारण व्यापारी वर्ग अक्सर अपने स्वास्थ्य की अनदेखी करता है, जिसके परिणामस्वरूप जोड़ों का दर्द और गठिया जैसी बीमारियां असमय ही उन्हें अपनी चपेट में ले लेती हैं।

उन्होंने रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल्स और डॉ. प्रतीक धाबलिया की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में रोबोटिक तकनीक जैसी विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता हमारे राज्य के लिए एक गौरव की बात है। ऐसी आधुनिकतम तकनीकों की सही जानकारी समाज के हर वर्ग तक पहुँचना अनिवार्य है, ताकि लोग बिना किसी भय के अपने पुराने और असहनीय दर्द से मुक्ति पा सकें और एक बेहतर एवं गतिशील जीवन जी सकें।

चेम्बर संरक्षक एवं पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदरानी ने कार्यशाला में उपस्थित प्रबुद्धजनों को संबोधित करते हुए कहा कि घुटनों के स्वास्थ्य पर आयोजित इस प्रेरणादायक कार्यशाला की सफलता के लिए चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी और उनकी पूरी टीम को विशेष रूप से धन्यवाद देता हुं जो लगातार अपने व्यापारिक और सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वहन प्रमुखता से कर रहा है। साथ ही राम कृष्ण केयर हॉस्पिटल के डॉक्टर विशेषज्ञों का मैं हृदय से आभार करता हूं।

संगोष्ठी के मुख्य चरण में डॉ. प्रतीक धाबलिया (एम.एस.आर्थो एवं एमआरसीएस (लंदन) ने प्रोजेक्टर एवं अत्याधुनिक रोबोटिक सिस्टम के प्रदर्शन के माध्यम से जोड़ों के प्रत्यारोपण की इस नई और क्रांतिकारी तकनीक की शत-प्रतिशत सटीकता और त्वरित रिकवरी के फायदों को समझाया।

डॉ. धबालिया ने बताया कि पारंपरिक सर्जरी की तुलना में रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट तकनीक मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इस तकनीक की मदद से सर्जन को सर्जरी के दौरान रियल-टाइम 3डी विजुअलाइजेशन मिलता है, जिससे इम्प्लांट (कृत्रिम जोड़) को बिल्कुल सही और प्राकृतिक जोड़ की तरह सटीक अलाइनमेंट के साथ फिट किया जा सकता है।

इसमें मानवीय त्रुटि की गुंजाइश न के बराबर होती है। इस प्रक्रिया में बहुत कम चीर-फाड़ होती है और खून भी बेहद कम बहता है, जिससे मांसपेशियों और स्वस्थ ऊतकों (टिश्यूज) को बहुत कम नुकसान पहुँचता है। अत्यधिक सटीकता से फिटिंग होने के कारण कृत्रिम जोड़ की उम्र (जीवनकाल) भी काफी बढ़ जाती है। पारंपरिक विधि की तुलना में इसमें रिकवरी इतनी तेज होती है कि मरीज सर्जरी के कुछ ही घंटों बाद अपने पैरों पर खड़े होने में सक्षम हो जाता है और उसे अस्पताल में भी बहुत कम दिन रुकना पड़ता है।

कार्यशाला के दौरान चेंबर के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी अपने वक्तव्य प्रस्तुत किए और संयुक्त रूप से कहा कि इस तरह के गंभीर स्वास्थ्य कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में व्याप्त भ्रांतियां दूर होती हैं। पहले लोग घुटने के ऑपरेशन के नाम से डरते थे और जीवन भर दर्द सहने को मजबूर होते थे, परंतु विज्ञान और रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल के इस प्रयास ने यह साबित कर दिया है कि अब दर्दमुक्त जीवन पूरी तरह संभव है। पदाधिकारियों ने रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (जॉइंट रिप्लेसमेंट एंड फ्रैक्चर क्लिनिक) की सेवाओं की भी भूरि-भूरि प्रशंसा की।

कार्यक्रम के अंतिम चरण में एक संवाद सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित चेंबर सदस्यों एवं नागरिकों ने डॉ. प्रतीक धबालिया से अपनी शंकाओं और घुटनों की समस्याओं से संबंधित अनेक गंभीर प्रश्न पूछे, जिनका डॉक्टर साहब ने अत्यंत सरल और चिकित्सकीय तर्कों के साथ समाधान किया। कार्यक्रम का समापन चेंबर के वरिष्ठ विंग द्वारा आभार प्रदर्शन के साथ हुआ।

इस अवसर पर पूरनलाल अग्रवाल, अमरजीत सिंह छाबड़ा (अध्यक्ष-अल्पसंख्यक आयोग छत्तीसगढ़), सलाहकार-सरल मोदी, गुरजीत सिंह संधू, अमर गिदवानी, मोहन लाल तेजवानी, संतोष जैन, कार्यकारी अध्यक्ष- राजेश वासवानी, राधा किशन सुंदरानी, जसप्रीत सिंह सलूजा, चेम्बर पूर्व कोषाध्यक्ष-प्रकाश अग्रवाल, उपाध्यक्ष- अशोक अग्रवाल, महेन्द्र बगरोडिया, प्रकाश लालवानी, अमरदास खट्टर, दिलीप इसरानी, श्रीमती सोनिया साहू, अश्वनी विग, नरेंद्र हरचंदानी, जीतेन्द्र शादीजा, कन्हैया महतो, जवाहर थारानी, अजय जयसिंघानी, राजेश गिदवानी,मनीष प्रजापति, सुनील कुकरेजा, विनय कुमार साहू, जयचंद नवानी, मंत्री- भरत पमनानी, दीपक विधानी, लोकेश साहू, करण मदनानी, मनीष दरिरा, रमेश मंधान, राजेश गुरनानी, सुदेश मध्यान, दौलत परयानी, आलोक शर्मा, राजेंद्र पारख, राहुल खूबचन्दानी, आकाश डूडानी, पंकज छिजवानी, अमित अग्रवाल, रितेश वाधवा, धनेश मटलानी, विमलचंद बाफना, मूलचंद खत्री, संदीप मेंघानी, ट्रांसपोर्ट चेम्बर अध्यक्ष -हरचरण सिंह साहनी, महिला चेम्बर अध्यक्ष-डॉ. ईला गुप्ता, महामंत्री मनीषा तारवानी, कोषाध्यक्ष नम्रता अग्रवाल, सदस्य-निखिल पंड्या, सचिन मेघानी, ईश्वर कोडवानी, महेश हरजानी, मनीष थारानी, दिलीप अठवानी, रवि सचदेव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

Ramesh Pandey

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रमेश पांडेय (Ramesh Pandey) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें डिजिटल मीडिया और क्षेत्रीय समाचार रिपोर्टिंग में 20 वर्षों का अनुभव है।