रायपुर, 27 फरवरी 2026। माओवाद की विचारधारा छोड़कर मुख्यधारा में लौटे 120 पुनर्वासित युवाओं का दल शुक्रवार को विधानसभा पहुंचा, जहां उन्होंने सदन की कार्यवाही देखी और जनप्रतिनिधियों से संवाद किया। दल को उप मुख्यमंत्री व राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा विधानसभा लेकर पहुंचे।
विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी से आत्मीय मुलाकात की और जय जोहार कहकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुनर्वास का निर्णय लेने वाले साथियों का राज्य सरकार हृदय से अभिनंदन करती है और उनकी सुरक्षा व सम्मान सुनिश्चित किया जाएगा।
विधानसभा की कार्यवाही देखने पहुंचे युवाओं में कई पूर्व माओवादी लीडर भी शामिल थे। इनमें एक करोड़ का इनामी रहा सतीश उर्फ रूपेश और झीरम घाटी हमले से जुड़ा चैतू उर्फ श्याम दादा भी मौजूद थे। रूपेश केंद्रीय समिति का सदस्य रह चुका है। उसने 210 साथियों के साथ जगदलपुर में आत्मसमर्पण किया था।
चैतू ने तीन महीने पहले आत्मसमर्पण किया था। इससे पहले गुरुवार रात उप मुख्यमंत्री ने सभी पुनर्वासित युवाओं को अपने आवास पर रात्रिभोज के लिए आमंत्रित किया था। सरकार इस पहल को पुनर्वास नीति के तहत विश्वास बहाली और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रही है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जो युवा गन तंत्र का रास्ता छोड़कर गणतंत्र की मुख्यधारा में लौटे हैं, उनका राज्य सरकार हृदय से स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि संविधान का मार्ग ही शांति, विकास और समृद्धि का मार्ग है। राज्य सरकार पुनर्वासित युवाओं के सम्मानजनक जीवन, रोजगार और कौशल विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि ये युवा समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनेंगे और अन्य लोगों को भी मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित करेंगे।
इस अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी, वन मंत्री केदार कश्यप, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक किरण देव तथा सुशांत शुक्ला ने भी पुनर्वासित युवाओं से मुलाकात कर उन्हें आश्वस्त किया कि शासन उनके साथ दृढ़ता से खड़ा है।
पुनर्वासित युवाओं ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को निकट से देखने का यह अवसर उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायी रहा। उन्होंने संकल्प व्यक्त किया कि वे अब संविधान और कानून के दायरे में रहकर समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।













