छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल के स्टॉक को लेकर अभी भी लोग आशंकित है। यह आशंका तब और बढ़ जाती है जब पेट्रोल पंप बंद पड़े दिखते हैं। राज्स शासन को दावा है कि प्रदेश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। शासन के इस दावे का सच तब फीका पड़ जाता है जब राजधानी के ही पुराना धमतरी रोड में बोरिया में शनिदेव मंदिर के सामने और सेजबहार में स्थित पंप दो दिन से बंद पड़े दिखते हैं।
पूछने पर पता चलता है कि उनके पास पेट्रोल और डीजल का स्टॉक नहीं है। यह तो उदाहरण हैं, प्रदेश में कई ऐसे पंप है जहां पेट्रोल और डीजल का स्टॉक अभी भी नहीं है। राज्य शासन के जनसंपर्क विभाग ने 18 मई 2026 को विज्ञप्ति जारी किया। इसमें छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर राज्य सरकार ने स्थिति पूरी तरह सामान्य बताया।
सरकार ने कहा कि प्रदेश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की घबराने की आवश्यकता नहीं है। राज्य में वर्तमान में 3 करोड़ 28 लाख 68 हजार लीटर पेट्रोल तथा 7 करोड़ 75 लाख 71 हजार लीटर डीजल का स्टॉक है। खाद्य विभाग के संचालक ने सभी ऑयल कंपनियों के साथ समीक्षा बैठक कर उन पेट्रोल पंपों तक जहां स्टॉक की कमी की स्थिति बन रही हो वहां प्राथमिकता में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य सरकार ने आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों या भ्रम से प्रभावित होकर पैनिक बाइंग अथवा अनावश्यक भंडारण न करें। सरकार द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं ताकि उपभोक्ताओं को आवश्यकता अनुसार सुगमता से पेट्रोल और डीजल उपलब्ध हो सके।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेशभर में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति के लिए कुल 2516 पेट्रोल पंप संचालित हैं। बीते 13 और 14 मई को अचानक मांग बढ़ने के कारण पेट्रोल की खरीद में 43 प्रतिशत तथा डीजल की खरीद में 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, कृषि कार्यों के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में डीजल की मांग भी लगातार बढ़ रही है।
अधिकारियों ने बताया कि बढ़ी हुई मांग को देखते हुए ऑयल कंपनियों के लखौली और मंदिरहसौद (रायपुर) तथा गोपालपुर (कोरबा) स्थित डिपो से लगातार जिलों को पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति की जा रही है। स्थिति को सामान्य बनाए रखने के लिए रविवार अवकाश के दिन भी डिपो संचालित किए गए।
लगभग 370 टैंकरों के माध्यम से ईंधन की आपूर्ति विभिन्न जिलों तक पहुंचाई गई। अधिकारियों ने बताया कि ऑयल कंपनियों के सभी डिपो से प्रतिदिन दो शिफ्टों में मांग के अनुरूप ईंधन भेजा जा रहा है।
