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XIM University के 12वें दीक्षांत समारोह में 813 स्नातकों को दी गई डिग्री

भुवनेश्वर, 18 अप्रैल 2026। प्रतिष्ठित XIM University के 12वें दीक्षांत समारोह में 813 स्नातकों को डिग्री दी गयी। इनमें डॉक्टरेट की 6 और और स्नातकोत्तर की 807 डिग्रियां शामिल हैं। 17 अप्रैल 2026 को आयोजित 12वें दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के वाइस चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर निखिल साहनी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। निखिल साहनी को XIM University ने बिज़नेस मैनेजमेंट में मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया।

प्रो. प्रद्युम्न कुमार मोहंती, डीन, स्कूल ऑफ कॉमर्स ने सभी छात्रों, अभिभावकों, गणमान्य अतिथियों और मेहमानों का स्वागत किया। फादर जेरोम कुटिन्हा, एसजे, अध्यक्ष ने औपचारिक रूप से दीक्षांत समारोह का उद्घाटन किया और उपाधियों के वितरण कार्यक्रम की अध्यक्षता की।

डॉ. फादर के.एस. कैसिमिर, एस.जे., कुलपति ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय की प्रमुख उपलब्धियों और तेजी से बदलते बाज़ार के लिए रणनीतिक दृष्टिकोण से युक्त स्नातकों को तैयार करने के मिशन पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि निखिल साहनी ने दीक्षांत भाषण देते हुए छात्रों को नवाचार और नैतिक नेतृत्व को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नए युग में ज्ञान उपयोगिता है, जबकि महत्वाकांक्षा योगदान है। आराम के बजाय साहस को चुनें, अपनी पहचान बनाने से पहले निर्माण करें, और सबसे महत्वपूर्ण यह है कि हमेशा याद रखें कि विश्वसनीयता दावा करने से नहीं, बल्कि अर्जित होने से मिलती है।

दीक्षांत समारोह में राजीव कौल, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के एमेरिटस चेयरमैन, फादर एस. एंटनी राज एस.जे., रजिस्ट्रार, फादर अरोकियादास वनथियन, एस.जे., मुख्य वित्त अधिकारी तथा XIM University के विभिन्न स्कूलों के डीन प्रमुख रुप से उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन रजिस्ट्रार फादर एस. एंटनी राज, एस.जे. ने किया।

कुलपति डॉ. फादर के.एस. कैसिमिर, एस.जे. ने कहा, करुणा, न्याय और उत्कृष्टता के वे मूल्य, जो विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय में सीखे हैं, उन्हें उनके निर्णय लेने की प्रक्रिया का मार्गदर्शन करना चाहिए।

दुनिया तेजी से बदल रही है-आजीवन सीखने को अपनाएं, जिज्ञासु बने रहें, स्वयं को अनुकूलित करें और नवाचार करते रहें। समाज की सेवा करें-अपने कौशल का उपयोग दूसरों को आगे बढ़ाने के लिए करें। चाहे कॉर्पोरेट बोर्डरूम हो या ग्रामीण समुदाय, परिवर्तन के वाहक बनें।