प्रतापगढ़, 28 फरवरी 2026। यूपी के प्रतापगढ़ जिले में नकली सरसों का तेल और दूषित खोवा की बिक्री होने का मामला सामने आया है। आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के निर्देश पर मिलावटी खाद्य एवं पेय पदार्थाें के विक्रय पर प्रभावी रोकथान के लिए 19 से 28 फरवरी तक निरीक्षण अभियान चलाया गया।
सहायक आयुक्त (खाद्य) ग्रेड-।। अभय कुमार सिंह ने बताया कि होली अभियान के अन्तर्गत बाजार में विक्रय किये जा रहे खोया, खाद्य तेल एवं वनस्पति, घी, गुझिया (तैयार मिठाई), नमकीन, रंगीन कचरी, दूध, पनीर, एवं अन्य खाद्य पदार्थ में मिलावट पर प्रभावी रोकथाम के लिए निरीक्षण करते हुये खाद्य पदार्थाें का नमूना संग्रहित किया गया।
इस दौरान सदर बाजार, प्रतापगढ़ स्थित मेसर्स-निर्मल ग्रुप आफ इण्डस्ट्रीज से दो सरसों के तेल का नमूना संग्रहित करते हुए लगभग 310 लीटर सरसों का तेल सीज किया गया, जिसकी कीमत लगभग रू0-90000/ है।
चिलबिला, प्रतापगढ़ स्थित आरोग्य डेयरी से खोये का एक नमूना संग्रहित करते हुये लगभग 25 किलो ग्राम दूषित खोया नष्ट कराया गया जिसकी कीमत लगभग रू0-7500/है।
नवाबगंज चैराहा, कुण्डा, प्रतापगढ़ स्थित खोया का एक नमूना संग्रहित करते हुए लगभग 30 किलो ग्राम दूषित खोया नष्ट कराया गया जिसकी कीमत लगभग रू0-9000/ है।
रामगंज, सदर, प्रतापगढ़ स्थित शुक्ला डेयरी से खोया का एक नमूना संग्रहित करते हुए लगभग 15 किलो ग्राम दूषित खोया नष्ट कराया गया जिसकी कीमत लगभग रू0-4500/ है।
इस प्रकार 10 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करते हुए, दो खाद्य प्रतिष्ठान को सुधार नोटिस जारी की जा रही है। पांच विधिक नमूने को संग्रहित कर विश्लेषण हेतु खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला को प्रेषित किये गये।
खाद्य सचल दल में, रोशन सिंह, सन्तोष कुमार दूबे, डाॅ. तूलिका शर्मा, डा. शमशुन नेहा, संजय कुमार नन्हकू, शहाब उद्दीन सिद्दीकी खाद्य सुरक्षा अधिकारीगण उपस्थित रहे।














