रायपुर, 1 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ कैडर की IPS अधिकारी और आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) की SP राजश्री मिश्रा को केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक -2026 से सम्मानित करने के लिए चुना गया है। उन्हें यह सम्मान खुफिया क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य और आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) की विचारधारा से प्रभावित संदिग्ध आनलाइन कट्टरपंथी मॉड्यूल की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए दिया जाएगा।
वर्ष 2018 बैच की IPS अधिकारी राजश्री मिश्रा की निगरानी में छत्तीसगढ़ ATS ने करीब छह महीने तक इस संवेदनशील मामले की गोपनीय जांच की। तकनीकी निगरानी और मानवीय स्रोतों से मिली सूचनाओं के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई। इस दौरान दो नाबालिगों की आनलाइन गतिविधियां सामने आईं, जिनके ISIS से प्रेरित प्रचार सामग्री के कथित प्रसार से जुड़े होने के संकेत मिले थे।
अधिकारियों के अनुसार, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डिजिटल गतिविधियों की कड़ियों को जोड़ने, खुफिया सूचनाओं की पुष्टि करने और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाने पर विशेष ध्यान दिया गया। जांच के बाद ATS ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत कारर्वाई की। नाबालिगों से संबंधित कानूनी प्रक्रिया किशोर न्याय व्यवस्था के निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की गई।
दूसरी बार केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक
केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक राजश्री मिश्रा के लिए दूसरा राष्ट्रीय सम्मान है। इससे पहले उन्हें प्रशिक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए भी यह पदक मिल चुका है। इसके अलावा जनवरी 2026 में उन्हें सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है। राजश्री मिश्रा को मिले इस सम्मान से डिजिटल माध्यमों के जरिए फैलने वाली कट्टरपंथी विचारधारा की समय रहते पहचान, खुफिया सूचनाओं के विश्लेषण और प्रभावी कारर्वाई में पुलिस की भूमिका सामने आई है। साथ ही, ऐसे संवेदनशील मामलों में संदिग्ध आनलाइन गतिविधियों और साक्ष्यों से प्रमाणित आपराधिक संलिप्तता के बीच अंतर बनाए रखते हुए कानूनी प्रक्रिया का पालन करना भी महत्वपूर्ण है।

