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5 से 15 साल के बच्चों की प्रतिभा खोजेगा देश

Ramesh Pandey
By Ramesh Pandey On अगस्त 27, 2026
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Khelo India Dialogue

नई दिल्ली, 27 अगस्त 2026। भारत की ओलंपिक चुनौती अब सिर्फ पदकों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अधिक से अधिक खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ाने का मिशन शुरू होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को खेलो इंडिया डायलॉग-खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ कार्यक्रम में देशभर के युवा एथलीटों को संबोधित करते हुए 2036 ओलंपिक की तैयारियों का रोडमैप सामने रखा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को उन खेलों में भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करानी होगी, जिनमें अब तक देश का प्रतिनिधित्व बेहद कम रहा है या भारत ओलंपिक में हिस्सा ही नहीं लेता। इसके लिए 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों की प्रतिभा पहचानकर उनकी क्षमता और रुचि के अनुरूप प्रशिक्षण देने का अभियान चलाया जाएगा। मोदी ने ओलंपिक में भारत की सीमित भागीदारी को बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि देश लंबे समय से ओलंपिक के आधे से अधिक खेलों में हिस्सा नहीं लेता। इसका सीधा असर पदक तालिका पर पड़ता है, क्योंकि भारत कई खेलों में पदक के लिए मुकाबला ही नहीं कर पाता। उन्होंने 2012 लंदन ओलंपिक का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भारत ने केवल 13 खेलों में भाग लिया था, जबकि 20 से अधिक खेलों में उसकी भागीदारी नहीं थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि पदक तालिका में बड़ी छलांग लगाने के लिए खेलों की संख्या में भागीदारी बढ़ाना जरूरी है।

समुद्र से पहाड़ तक खोजेंगे चैंपियन

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के पास सर्फिंग, स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग, वॉटर स्पोर्ट्स और विंटर स्पोर्ट्स में विश्वस्तरीय खिलाड़ी तैयार करने के लिए अनुकूल परिस्थितियां मौजूद हैं। देश की लंबी समुद्री तटरेखा और विशाल पवर्तीय क्षेत्र ऐसे खेलों के लिए प्रतिभाओं की बड़ी श्रृंखला तैयार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि दूसरे देश जिन खेलों में लगातार पदक जीत रहे हैं, उनमें भारत को भी महारत हासिल करनी होगी। सर्फिंग और स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग जैसे खेलों में देश अपनी भौगोलिक परिस्थितियों का लाभ उठाकर मजबूत दावेदारी पेश कर सकता है।

प्रतिभा खोज से ओलंपिक पोडियम तक

प्रधानमंत्री के इस रोडमैप में कम उम्र में प्रतिभा की पहचान को खास महत्व दिया गया है। 5 से 15 वर्ष के बच्चों की क्षमता और खेल के प्रति स्वाभाविक रुचि का आकलन कर उन्हें उसी क्षेत्र में वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की दिशा में अभियान चलाया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर छिपी प्रतिभाओं को सामने लाकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का रास्ता तैयार होगा।

Ramesh Pandey

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रमेश पांडेय (Ramesh Pandey) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें डिजिटल मीडिया और क्षेत्रीय समाचार रिपोर्टिंग में 20 वर्षों का अनुभव है।