ईश्वर की भक्ति ही जीवन का वास्तविक आधार : गायत्री नंदन

गौरा (प्रतापगढ़), 11 मई 2026। विकासखंड गौरा के बोर्रा गांव में रविवार को श्रद्धा और भक्ति के वातावरण के बीच श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा आयोजन का शुभारंभ मुख्य यजमान ओम प्रकाश पांडेय द्वारा विधि-विधान के साथ कराया गया। कथा के प्रथम दिन गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। धार्मिक वातावरण और भक्ति गीतों से पूरा गांव भक्तिमय नजर आया।

कथा प्रारंभ होने से पूर्व भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में महिलाएं सिर पर कलश धारण कर मंगल गीत गाते हुए चल रही थीं। यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से होकर कथा स्थल तक पहुंची। इस दौरान जय श्रीराम और राधे-राधे के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा। कलश यात्रा में कुलगुरु वंशीधर मिश्रा समेत अनेक धर्मानुरागी, ग्रामीण और श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा के दौरान लोगों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया।

श्रीमद्भागवत कथा का वाचन अयोध्या धाम से पधारे कथा व्यास गायत्री नंदन जी महाराज द्वारा किया जा रहा है। कथा के प्रथम दिवस उन्होंने श्रीमद्भागवत महापुराण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने का माध्यम है। कथा श्रवण से मनुष्य के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और समाज में प्रेम, सद्भाव तथा संस्कारों की भावना मजबूत होती है।

कथा व्यास ने कहा कि वर्तमान समय में भौतिकता के बीच लोग मानसिक तनाव और अशांति का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में भागवत कथा मनुष्य को आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करती है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और भक्तों के प्रति उनके प्रेम का उल्लेख करते हुए कहा कि ईश्वर की भक्ति ही जीवन का वास्तविक आधार है। कथा सुनने से मनुष्य के पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

कार्यक्रम स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। कथा पंडाल में श्रद्धालुओं के बैठने की समुचित व्यवस्था की गई है। आयोजन समिति के सदस्य कथा को सफल बनाने में जुटे हुए हैं। गांव के युवाओं और महिलाओं ने भी आयोजन में बढ़-चढ़कर सहयोग किया। कथा के दौरान भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।