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गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी पर्व पर रायपुर से धुबरी साहिब तक विशेष ट्रेन यात्रा

गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी पर्व पर रायपुर से धुबरी साहिब तक विशेष ट्रेन यात्रा

रायपुर, 21 जुलाई 2025। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, स्टेशन रोड, रायपुर के प्रतिनिधि पंप खनूजा और पंप चावला ने सिख धर्म के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी पर्व के उपलक्ष्य में विशेष दर्शन सिमरन यात्रा की घोषणा की। यह यात्रा रायपुर से असम के धुबरी साहिब तक विशेष ट्रेन द्वारा आयोजित की जाएगी, जिसमें 1000 श्रद्धालु शामिल होंगे। यह आयोजन धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को श्रद्धांजलि देने का एक अनूठा प्रयास है।

धुबरी साहिब, असम के धुबरी जिले में ब्रह्मपुत्र नदी के तट पर स्थित है, जहां सिख धर्म के प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव जी 1505 ईस्वी में और नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी 1669 ईस्वी में पधारे थे। उनके चरण स्पर्श से पवित्र इस स्थान पर भव्य गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब स्थापित है। प्रतिवर्ष शहीदी पर्व पर यहां मेला लगता है, जिसमें देश-विदेश से सिख श्रद्धालु शामिल होते हैं। सिख समुदाय के लिए पांच तख्त, तख्त श्री नांदेड साहिब, तख्त श्री आनंदपुर साहिब, तख्त श्री दमदमा साहिब, अकाल तख्त श्री अमृतसर साहिब, और तख्त श्री पटना साहिब आस्था के प्रमुख केंद्र हैं, जिनका स्मरण हर सिख अपनी दैनिक अरदास में करता है।

यह विशेष यात्रा 14 नवंबर 2025 को रायपुर से शुरू होगी, जो पांचों तख्त साहिब के दर्शन करते हुए 24 नवंबर को धुबरी साहिब पहुंचेगी। वहां शहीदी पर्व के विशेष समागम में श्रद्धालु शामिल होंगे और 27 नवंबर को रायपुर वापसी के साथ यात्रा संपन्न होगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है। भारत में पहली बार किसी धार्मिक यात्रा में व्हाट्सएप इंटीग्रेशन लागू किया गया है। व्हाट्सएप नंबर 9009118800 पर यात्रा संबंधी सभी जानकारी, जैसे समय सारणी, सीटों की संख्या, ऑनलाइन बुकिंग, और बुकिंग स्टेटस 24 घंटे उपलब्ध रहेगा। वर्चुअल सेवक के माध्यम से यह प्रणाली यात्रियों को त्वरित और पारदर्शी जानकारी प्रदान करेगी।

विशेष ट्रेन में एक बोगी को भव्य रूप से सजाया जाएगा, जिसमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का स्वरूप प्रकाशमान रहेगा। यात्रा के दौरान भजन-कीर्तन का आयोजन होगा, और सभी कोच में स्पीकर लगाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालु अपनी बर्थ पर बैठकर कीर्तन सुन सकें। ट्रेन में पानी, चाय, नाश्ता, लंगर, आवश्यक दवाइयां, और फर्स्ट एड किट की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। यह यात्रा न केवल धार्मिक महत्व की है, बल्कि सिख समुदाय की एकता और गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान को याद करने का अवसर भी प्रदान करेगी।

पंप खनूजा ने बताया कि गुरु तेग बहादुर जी ने 1675 में दिल्ली के चांदनी चौक में मुगल सम्राट औरंगजेब के आदेश पर धर्म और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए अपने प्राण त्याग दिए। उनकी शहादत ने सिख पंथ को एकजुट करने और मानवाधिकारों की रक्षा को सिख पहचान का केंद्रीय हिस्सा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस यात्रा के माध्यम से श्रद्धालु उनके बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लेंगे।