बड़ा ऐलान, किसी भी रेलवे स्टेशन से रद्द होंगे काउंटर टिकट

नई दिल्ली, 25 मार्च 2026। केन्द्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि अब देश के किसी भी रेलवे स्टेशन से काउंटर टिकट रद्द किए जा सकेंगे। टिकट केवल उस स्टेशन पर ही रद्द करने की पुरानी पाबंदी को भी हटा दिया गया है, जहां से यात्रा शुरू होनी थी। ई-टिकट के लिए ‘टिकट डिपॉज़िट रसीद’ (टीडीआर) जमा करने की अनिवार्यता को भी समाप्त कर दिया गया है, और अब टिकट रद्द करने पर रिफंड अपने आप ही मिल जाएगा। यात्रियों के हित में एक और कदम उठाते हुए, अब यात्री प्रस्थान से 30 मिनट पहले तक अपनी यात्रा की श्रेणी (क्लास) को अपग्रेड कर सकेंगे; जबकि पहले यह बदलाव केवल चार्ट तैयार होने से पहले तक ही संभव था।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह सुधार यात्री सुविधा पर केंद्रित है, जिसमें टिकटिंग सिस्टम के गलत इस्तेमाल को रोकने और असली यात्रियों के लिए पहुंच बेहतर बनाने के उपाय शामिल हैं। श्री वैष्णव ने कहा कि टिकटों की कालाबाज़ारी और तत्काल सिस्टम का गलत इस्तेमाल बड़ी चिंता का विषय रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए, रेलवे ने बॉट और धोखाधड़ी वाले सॉफ्टवेयर का पता लगाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल शुरू किया।

आधुनिक तकनीकी उपायों ने तत्काल विंडो खुलते ही तुरंत टिकट बुक करने की एजेंटों और दलालों की क्षमता पर रोक लगा दी, साथ ही आधार-आधारित ओटीपी वेरिफिकेशन भी शुरू किया गया। विस्तृत डेटा विश्लेषण के आधार पर आईआरसीटीसी सिस्टम से लगभग 3 करोड़ नकली खातों की पहचान करके उन्हें हटा दिया गया। इसके परिणामस्वरूप टिकटों की उपलब्धता में काफ़ी सुधार हुआ।

इस समस्या से निपटने के लिए, प्रस्थान से 48, 12 और 4 घंटे पहले टिकट रद्द करने की पुरानी समय-सीमा को बदलकर अब 72, 24 और 8 घंटे कर दिया गया है। यह बदलाव आरक्षण चार्ट तैयार करने की प्रक्रिया के अनुरूप किया गया है, जो अब प्रस्थान से 4 घंटे पहले के बजाय 9 से 18 घंटे पहले तैयार किया जाता है। यात्रियों से इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

आरक्षण चार्ट पहले से तैयार होने से यात्रियों को होने वाली अनिश्चितता कम होती है, जिससे प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) वाले यात्री बेहतर योजना बना पाते हैं और दूरदराज के इलाकों से आने वाले यात्रियों को भी सुविधा मिलती है। चार्ट पहले से तैयार होने से यात्रा के वैकल्पिक इंतज़ाम करना आसान हो जाता है, खाली बर्थ का बेहतर इस्तेमाल हो पाता है और पारदर्शिता भी बढ़ती है। इन बदलावों का उद्देश्य आखिरी समय में अटकल या अंदाज़े के आधार पर की जाने वाली बुकिंग को हतोत्साहित करना और यह सुनिश्चित करना है कि टिकट असली यात्रियों को ही मिलें।

रेल मंत्री ने कहा कि इन सुधारों से रेलवे टिकटिंग प्रणाली में पारदर्शिता और बढ़ेगी, गलत इस्तेमाल या दुरुपयोग में कमी आएगी और यात्रियों का अनुभव भी बेहतर होगा।

30 मिनट पहले बदल सकेंगे बोर्डिंग पॉइंट

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नौवां सुधार यात्रियों को रेलगाड़ी के शुरुआती स्टेशन से रवाना होने से 30 मिनट पहले तक डिजिटल रूप से अपना बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा देता है। उन्होंने बताया कि पहले यात्री चार्ट तैयार होने से पहले ही बोर्डिंग पॉइंट बदल सकते थे। नए प्रावधान के तहत, यदि कोई यात्री शुरुआती स्टेशन से रेलगाड़ी में सवार नहीं हो पाता है, तो वह अगला सुविधाजनक स्टेशन चुन सकता है और अपनी कन्फर्म सीट खोए बिना रेलगाड़ी में सवार हो सकता है।