प्रतापगढ़ समेत पूरे उत्तर प्रदेश में चक्रवाती तूफान का कहर, 54 मरे

लखनऊ, 14 मई 2026। उत्तर प्रदेश में बुधवार 13 मई 2026 को दोपहर बाद आये चक्रवाती तूफान और बारिश ने जम कर कहर बरपाया। मौसम जनित हादसों में पूरे राज्य में 54 से अधिक लोग अकाल मृत्यु का शिकार हुये। प्रयागराज, भदोही, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सीतापुर और बहराइच समेत कई जिलों में आंधी से सैकड़ों पेड़ धराशायी हो गये। बिजली के खंभे उखड़ने से विद्युत आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुयी। कई इलाके अंधेरे में डूब गये। आंधी बारिश से दर्जनो कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार देर रात बैठक कर आंधी, बेमौसम बारिश, आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं की समीक्षा की। उन्होंने 24 घंटे में पीड़ितों को मुआवजा देने के निर्देश दिये। सीएम योगी ने प्रभावित क्षेत्रों के जिलाधिकारी समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर जाने के लिए कहा। उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना की व्यक्त की।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है। साथ ही राजस्व, कृषि विभाग और बीमा कंपनी से नुकसान का सर्वे कराकर शासन को भी अवगत कराने के लिए निर्देशित किया। सर्वे के बाद नुकसान का आंकलन पूरा कर तुंरत मुआवजा देने के लिए कहा गया है। जिससे सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।

मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार निचले क्षोभमंडल में प्रदेश के पश्चिमोत्तर भाग पर बने चक्रवाती परिसंचरण तथा दक्षिणी राजस्थान से आ रही पुरवा हवाओं की मध्य क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं के साथ प्रतिक्रिया के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश दर्ज की गई। इस दौरान कुछ स्थानों पर 100 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक रफ्तार की आंधी तथा 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा की झोंकेदार हवाएं चलीं।

सबसे ज्यादा तबाही प्रयागराज मंडल और पूर्वांचल में हुयी। भदोही में 11 और फतेहपुर में 10 लोगों के विभिन्न हादसों में जान गंवाने की जानकारी मिली है। फतेहपुर में हुसैनगंज थाना क्षेत्र के बमरौली गांव में एक कच्चा मकान गिरने से शिवांश (8), सिया कली (55), कल्पना देवी (25), श्रीदेवी तथा अनारकली (40) मलबे में दब गए।

घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने राहत कार्य शुरू किया और सभी घायलों को बाहर निकालकर एम्बुलेंस की मदद से उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा जहां चिकित्सकों ने सिया कली को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य चार घायलों का इलाज जारी है।

सीतापुर जिले में बुधवार दोपहर बाद आई तेज आंधी और वर्षा के दौरान आम का पेड़ गिरने से एक युवक की दबकर मौत हो गई। थाना इमलिया सुल्तानपुर क्षेत्र के राजपुर खुर्द गांव निवासी राहुल (18) गांव से कुछ दूरी पर स्थित आम के बाग में पशुओं को घर वापस ला रहा था। इसी दौरान तेज आंधी के चलते आम का एक बड़ा पेड़ अचानक गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आने से राहुल की मौके पर ही मौत हो गई।

प्रतापगढ़ जिले मे बुधवार शाम अन्तू क्षेत्र के छतरपुर शिवाला गांव मे बिजली गिरने से अधेड़ लाल बहादुर वर्मा की मौत हो गयी। वह जंगल में जानवर चरा रहा था। कानपुर में शाम लगभग तीन बजे तेज रफ्तार हवाओं के साथ बूंदाबांदी से मौसम खुशनुमा हो गया और प्रचंड गर्मी से लोगों को कुछ समय के लिये राहत मिली।

भदोही में आंधी बारिश के कारण हुये हादसों में कम से कम 11 लोगों के मरने की सूचना है। आंधी बारिश से कई क्षेत्रों में गुल हुयी बिजली देर रात तक नहीं आयी थी। मौसम के कारण कई इलाको में इंटरनेट सेवायें भी प्रभावित हुयी हैं।

मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले एक सप्ताह के दौरान मौसम के शुष्क रहने तथा तापमान में लगातार वृद्धि होने के कारण प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में एक बार फिर लू चलने की संभावना जताई है। हालांकि आंधी और वर्षा के बावजूद प्रदेश के अनेक हिस्सों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के अनुसार बुंदेलखंड क्षेत्र में बुधवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। बांदा में सर्वाधिक 45.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि झांसी में 44.5 डिग्री और प्रयागराज में 43.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग ने बताया कि आने वाले दिनों में प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है, जिससे विशेष रूप से दक्षिणी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड क्षेत्र में पुनः लू का प्रभाव देखने को मिल सकता है।
राजधानी लखनऊ में बुधवार को अधिकतम तापमान 38.1 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में आसमान मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राज्य में धूल भरी आंधी से भारी नुकसान और कई लोगों की मृत्यु पर कहा, ये दुखद घटना हुई है, प्राकृतिक आपदा है। तत्काल निर्देश दिया गया है कि जहां कहीं भी जनहानि हुई है। फसल का नुकसान हुआ है उसका सर्वे करा कर राहत पहुंचाने का अधिकारियों को निर्देश दिया गया है।