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बीजिंग में होगी ट्रंप-शी की ऐतिहासिक बैठक

बीजिंग में होगी ट्रंप-शी की ऐतिहासिक बैठक, 14-15 मई की डेट तय

वाशिंगटन, 26 मार्च 2026। अमेरिका और चीन के बीच बहुप्रतीक्षित शिखर वार्ता अब 14 और 15 मई 2026 को बीजिंग में होगी। इस अहम बैठक में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग आमने-सामने होंगे। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव लेविट ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है। लेविट ने मीडिया को बताया कि यह बैठक दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

प्रेस सचिव लेविट के अनुसार, इस उच्चस्तरीय दौरे में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ उनकी पत्नी मेलानिया भी मौजूद रहेंगी। बीजिंग में इस शिखर वार्ता को लेकर कूटनीतिक हलकों में काफी उत्साह और उम्मीदें जताई जा रही हैं। माना जा रहा है कि दोनों नेता व्यापार, सुरक्षा, तकनीकी प्रतिस्पर्धा और वैश्विक मुद्दों पर गहन चर्चा करेंगे।

बता दें हाल के वर्षों में अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव, टैरिफ विवाद और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के चलते रिश्तों में खटास आई है। ऐसे में यह बैठक दोनों देशों के बीच संवाद को मजबूत करने और आपसी मतभेदों को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकती है। खासतौर पर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दोनों देशों के प्रभाव को देखते हुए इस बैठक के परिणामों पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी रहेंगी।

इस दौरे के दौरान कई द्विपक्षीय समझौतों और सहयोग के नए आयामों पर भी चर्चा की जाएगी। जलवायु परिवर्तन, अंतरराष्ट्रीय व्यापार संतुलन और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे इस बैठक के एजेंडे में प्रमुख रूप से शामिल रहेंगे। इसके अलावा, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों को लेकर भी दोनों देशों के बीच रणनीतिक बातचीत होने की संभावना है।

प्रेस सचिव लेविट ने यह भी जानकारी दी कि इसी वर्ष बाद में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अमेरिका का दौरा करेंगे। हालांकि, इस दौरे की तारीख अभी तय नहीं की गई है। उस दौरान वाशिंगटन डीसी में राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप, चीन के राष्ट्रपति शी और उनकी पत्नी पेंग लियान की मेजबानी करेंगे।

कूटनीतिक दृष्टिकोण से यह आदान-प्रदान दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि यह वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है, तो इससे न केवल अमेरिका और चीन के संबंधों में सुधार होगा, बल्कि वैश्विक स्थिरता और आर्थिक संतुलन को भी मजबूती मिलेगी।

इस बैठक को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी उत्सुक है, क्योंकि अमेरिका और चीन विश्व की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं। इनके संबंधों का सीधा असर वैश्विक राजनीति और व्यापार पर पड़ता है। ऐसे में बीजिंग में होने वाली यह शिखर वार्ता आने वाले समय की वैश्विक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।