कृषि और स्वास्थ्य का संगम देगा वैज्ञानिक, सस्ता और असरदार समाधान

नई दिल्ली, 12 मई 2026। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने दिल्ली में सेहत मिशन लॉन्च किया। नड्डा ने कहा कि सेहत मिशन भारत की नीति-निर्माण प्रक्रिया में एक बड़े बदलाव का प्रतीक है, जहां सरकार अब केवल इलाज पर नहीं, बल्कि रोकथाम, समय पर पहचान और निरंतर देखभाल पर बल दे रही है। उन्होंने कहा कि यह पहल बताती है कि भारत अब रिएक्टिव नहीं, बल्कि प्रोएक्टिव सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। श्री नड्डा ने कहा कि लंबे समय तक कृषि और स्वास्थ्य संस्थान अलग-अलग दिशा में काम करते रहे, लेकिन अब ICAR और ICMR का साथ आना विज्ञान-आधारित समाधान की नई शुरुआत है।

उन्होंने कहा कि यह मिशन कुपोषण और दूसरी ओर तेजी से बढ़ रही नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज, जैसे डायबिटीज, हाइपरटेंशन और कैंसर, दोनों चुनौतियों से निपटने में बड़ी भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि भारत को अब अपने अनुभव, अपने अनुसंधान और अपने वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित स्वदेशी समाधान विकसित करने होंगे। उनके अनुसार लो-कॉस्ट, हाई-क्वालिटी और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित समाधान ही देश के लिए सबसे उपयोगी होंगे, और इस दिशा में ICMR पूरी प्रतिबद्धता से काम करेगा।

श्री नड्डा ने यह भी रेखांकित किया कि सेहत मिशन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि होल ऑफ गवर्नमेंट और होल ऑफ सिस्टम्स अप्रोच का उदाहरण है, जिसमें विज्ञान, नीति और क्रियान्वयन को साथ लेकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि यह मिशन हेल्दी इंडिया और स्ट्रॉन्ग इंडिया के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।