जो खाना है, वही उगाना है, तभी बनेगा स्वस्थ भारत

नई दिल्ली, 12 मई 2026। केन्द्र सरकार ने 11 मई 2026 को सेहत मिशन लॉन्च किया। इस मौके पर केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जो खाना है, वही उगाना है, तभी भारत स्वस्थ बनेगा। उन्होंने कहा कि सेहत मिशन का शुभारंभ भारत के लिए एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व कदम है, जो खेती, पोषण और स्वास्थ्य को एक साथ जोड़कर स्वस्थ भारत के निर्माण की मजबूत दिशा तय करेगा।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत की परंपरा में हमेशा से स्वस्थ शरीर को सबसे बड़ा सुख माना गया है।अच्छा स्वास्थ्य सही भोजन से ही आता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि देश को अब केवल अधिक उत्पादन नहीं, बल्कि ऐसा उत्पादन चाहिए जो पोषण दे, रोगों से बचाए और जनता को बेहतर जीवन दे।

श्री चौहान ने कहा कि हितभुक, मितभुक और ऋतुभुक का भारतीय जीवन-दर्शन आज भी उतना ही प्रासंगिक है, क्योंकि शरीर के लिए हितकारी, संतुलित और मौसम के अनुसार भोजन ही वास्तविक स्वास्थ्य का आधार है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि क्या खाएं के साथ-साथ क्या उगाएं पर भी राष्ट्रीय स्तर पर गंभीरता से काम किया जाए।

उन्होंने कहा कि इसी सोच को आगे बढ़ाने के लिए ICAR और ICMR ने हाथ मिलाकर “सेहत मिशन” शुरू किया है, जो खेती से थाली और थाली से स्वास्थ्य तक एक वैज्ञानिक कड़ी तैयार करेगा। उनके अनुसार यह मिशन बायो-फोर्टिफाइड फसलों, पोषणयुक्त खाद्य पदार्थों, एकीकृत कृषि प्रणाली, किसानों के स्वास्थ्य-सुरक्षा उपायों, जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के लिए उपयुक्त आहार और वन हेल्थ दृष्टिकोण पर केंद्रित है।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश में आज अन्न उत्पादन पर्याप्त है, लेकिन अब अगला लक्ष्य पोषण-संपन्न उत्पादन होना चाहिए। उन्होंने बायो-फोर्टिफाइड फसलों, जिंक, आयरन और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर किस्मों तथा कोदो, कुटकी, ज्वार, रागी और बाजरा जैसे पारंपरिक अनाजों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

उन्होंने यह भी कहा कि एकीकृत खेती केवल किसानों की आय बढ़ाने का साधन नहीं, बल्कि परिवार के पोषण को मजबूत करने का भी रास्ता है। अनाज के साथ फल, सब्जियां, पशुपालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियाँ ग्रामीण परिवारों को संतुलित भोजन और बेहतर स्वास्थ्य से जोड़ सकती हैं।

केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने किसानों और खेतिहर मजदूरों के स्वास्थ्य को भी मिशन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि कीटनाशकों के संपर्क, रसायनों के असंतुलित उपयोग और खेतों में काम के दौरान होने वाले जोखिमों को कम करने के लिए वैज्ञानिक उपाय, सुरक्षित खेती पद्धतियाँ और जागरूकता बेहद जरूरी है।

श्री चौहान ने कहा कि अगर सही भोजन और सही फसल चयन पर वैज्ञानिक तरीके से काम किया जाए, तो भोजन ही दवा का काम कर सकता है। उन्होंने मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य जीवनशैली संबंधी रोगों के संदर्भ में ऐसे खाद्य विकल्पों के विकास और प्रसार पर बल दिया, जो लोगों को बीमारी से बचाने और रोग नियंत्रण में मदद करें।

शिवराज सिंह चौहान ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यह मिशन निश्चित समय-सीमा में ठोस परिणाम देगा और देश की जनता को स्वस्थ रखने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने वैज्ञानिकों, अधिकारियों और सभी सहभागी संस्थाओं को बधाई देते हुए कहा कि कृषि और स्वास्थ्य के इस संगम से भारत ही नहीं, पूरी मानवता को लाभ मिलेगा।