रायपुर, 12 अगस्त 2026। मध्य भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं और अनुसंधान तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर और संबलपुर विश्वविद्यालय (ओडिशा) के बीच आज एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस रणनीतिक साझेदारी का प्राथमिक उद्देश्य छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों राज्यों में संयुक्त क्लिनिकल रिसर्च को बढ़ावा देना, स्वास्थ्य सेवा क्षमता का विस्तार करना और सार्वजनिक स्वास्थ्य व चिकित्सा विज्ञान क्षेत्र में नवोन्मेषी समाधान विकसित करना है।
इस अंतर-संस्थानी सहयोग का मुख्य केंद्र बिना स्पष्ट कारणों के होने वाली क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKDu) तथा सिकल सेल रोग जैसी गंभीर क्षेत्रीय स्वास्थ्य समस्याएं रहेंगी। संबलपुर विश्वविद्यालय के उप पंजीयक (अकादमिक) डॉ. ईश्वर बैथारू के अनुसार, ओडिशा के कई जिलों में किडनी रोग के मामलों में असामान्य वृद्धि दर्ज की गई है, जिनके लक्षण छत्तीसगढ़ के CKDu प्रभावित क्षेत्रों के मरीजों से काफी मिलते-जुलते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए दोनों राज्यों में इस स्वास्थ्य चुनौती की सटीक पहचान और रोकथाम के लिए समन्वित अनुसंधान की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
साझेदारी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने कहा कि यह समझौता केवल अकादमिक शोध पत्र प्रकाशित करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका ध्येय शोध के निष्कर्षों को व्यावहारिक स्वास्थ्य रणनीतियों और जन-नीतियों में परिवर्तित करना है।
उन्होंने रेखांकित किया कि भविष्य में इस साझेदारी का दायरा सिकल सेल रोग सहित अन्य क्षेत्रीय स्वास्थ्य जटिलताओं के निवारण तक विस्तारित किया जाएगा, जिससे आम जनता को सुलभ व किफायती स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकें।
हस्ताक्षर समारोह के दौरान दोनों प्रतिष्ठित संस्थानों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और शोधकर्ता उपस्थित रहे। एम्स रायपुर का प्रतिनिधित्व डीन (अकादमिक्स) डॉ. एली मोहापात्रा, एसोसिएट डीन (रिसर्च) डॉ. एकता खंडेलवाल, डॉ. पुगझेंथन थंगराजू, डॉ. विराट गहलोतरा, डॉ. सुप्रवा पटेल, डॉ. विनय राठौर और डॉ. नीलम देवी मरावी ने किया। वहीं, संबलपुर विश्वविद्यालय की ओर से उप पंजीयक डॉ. ईश्वर बैथारू तथा शोधार्थी प्रलय बिस्वास एवं सावन कुमार साहू उपस्थित थे।
