प्रतापगढ़ मेडिकल कॉलेज ने रचा इतिहास, लिगामेंट और मेनिस्कस का किया सफल ऑपरेशन

प्रतापगढ़, 28 अगस्त 2026। मेडिकल कॉलेज के राजा प्रताप बहादुर अस्पताल में आर्थो सर्जरी के क्षेत्र में चिकित्सकों ने एक और उपलब्धि हासिल की है। मेडिकल कॉलेज के आर्थो सर्जन डॉ. अतुल सरोज ने घुटने के लिगामेंट और मेनिस्कस की समस्या से जूझ रहे 26 वर्षीय युवक का सफल ऑपरेशन किया। आधुनिक तकनीक से किए गए इस ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत में सुधार है। वहीं, दुर्घटना में पैर के पटेला में फ्रैक्चर और पटेला टेंडन क्षतिग्रस्त होने से परेशान 35 वर्षीय युवक का भी सफल ऑपरेशन कर टेंडन का रिकंस्ट्रक्शन किया गया।

अंतू क्षेत्र निवासी 26 वर्षीय जयप्रकाश पिछले करीब तीन वर्षों से घुटने के लिगामेंट की समस्या से परेशान था। चलने-फिरने और दैनिक कार्यों में उसे परेशानी हो रही थी। परिजन उसे उपचार के लिए राजा प्रताप बहादुर अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां आर्थो सर्जन डॉ. अतुल सरोज ने जांच के बाद ऑपरेशन की सलाह दी। इसके बाद चिकित्सकीय टीम ने घुटने के लिगामेंट और मेनिस्कस का सफल ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति में सुधार बताया जा रहा है।

इसी क्रम में लीलापुर निवासी 35 वर्षीय संजीव कुमार तीन दिन पूर्व दुर्घटना में घायल हो गया था। हादसे में उसके पैर के पटेला में फ्रैक्चर होने के साथ ही पटेला टेंडन भी क्षतिग्रस्त हो गया था। चोट गंभीर होने के कारण उसे चलने-फिरने में काफी परेशानी थी। अस्पताल में जांच के बाद चिकित्सकों ने ऑपरेशन का निर्णय लिया। डॉ. अतुल सरोज ने आधुनिक तकनीक का प्रयोग करते हुए फाइबर टेप और ए थी बांड की मदद से पटेला टेंडन का रिकंस्ट्रक्शन किया। ऑपरेशन सफल रहा और मरीज को चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है।

चिकित्सकों के अनुसार, लिगामेंट, मेनिस्कस और पटेला टेंडन से जुड़ी चोटों में समय पर सही उपचार जरूरी होता है। आधुनिक तकनीक से किए गए ऑपरेशन से मरीज को घुटने की कार्यक्षमता वापस पाने में मदद मिलती है और आगे की जटिलताओं का खतरा भी कम किया जा सकता है। इस दौरान डॉक्टर अक्षत पांडे, डॉ राकेश चौरसिया, ओटी टेक्नीशियन हेमंत सिंह और नर्सिंग ऑफिसर दीपक यादवभी रहे

मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. सोमनाथ और राजा प्रताप बहादुर अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र कुशवाहा ने सफल ऑपरेशन के लिए आर्थो सर्जन डॉ. अतुल सरोज और उनकी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार होने से अब जटिल हड्डी एवं जोड़ संबंधी मामलों का उपचार भी स्थानीय स्तर पर संभव हो रहा है।