नोए़डा, 31 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की पुलिस ने एक और शार्प शूटर अमन उर्फ माया त्यागी को मार गिराया है। घटना दिल्ली से सटे नोएडा में शनिवार 31 अक्टूबर 2026 की शाम की है। यहां कमिश्नरेट पुलिस और जिला क्राइम रिस्पॉन्स टीम (सीआरटी) ने थाना सेक्टर-126 क्षेत्र में 50 हजार रुपये इनामी बदमाश अमन उर्फ माया त्यागी को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। वह रणदीप भाटी गैंग का शार्प शूटर बताया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक, अमन को घेरने के बाद उसने पुलिस पर गोलियां चला दीं। इस टकराव में तीन पुलिसकर्मी भी गोलीबारी का शिकार हुए। अमन थाना बादलपुर से वांछित था और उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा गया था। खबर मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस अब अमन के आपराधिक रिकॉर्ड और उसके खिलाफ दर्ज मामलों की जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि माया के खिलाफ गौतमबुद्ध नगर के दादरी, बादलपुर और बिसरख के अलावा गाजियाबाद तथा मुजफ्फरनगर में हत्या, जानलेवा हमला सहित कई गंभीर आरोपों में एक दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं।
यहां दर्ज थे मुकदमे
अमन उर्फ माया त्यागी के खिलाफ गौतमबुद्ध नगर के दादरी, बादलपुर, बिसरख के अलावा गाजियाबाद और मुजफ्फरनगर में हत्या, जानलेवा हमला सहित कई गंभीर आरोपों में एक दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज थे।
2019 में पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ था अमन
साल 2019 में थाना फेज-2 पुलिस के साथ उसकी एक और मुठभेड़ हुई थी, जिसमें उसके दोनों पैरों में गोली लगी और बाद में वह गिरफ्तार हुआ था। पुलिस के अनुसार, माया ने मुजफ्फरनगर में हत्या सहित कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया था। रॉबिन त्यागी से पुरानी दुश्मनी के बाद वह उसके साथ जुड़कर गैंग चलाने लगा। इसके बाद रॉबिन की दोस्ती रणदीप भाटी से हुई और पुलिस से बचने के लिए माया भी रणदीप के संपर्क में आ गया। वह काफी समय तक ग्रेटर नोएडा में छिपकर रहा और रणदीप गैंग के साथ काम करता रहा।
शार्प शूटर होने की वजह से रॉबिन और रणदीप भाटी गैंग में उसकी अहम जगह थी। पुलिस का आरोप है कि ग्रेटर नोएडा में देवेंद्र भाटी और झुम्मनपुरा निवासी एक ठेकेदार की हत्या के साथ-साथ जुनपत में हुए डबल मर्डर में भी उसका बड़ा रोल था। इस घटना में राजकुमार शर्मा और उनके सुरक्षाकर्मी की जान गई थी। माया लूटपाट जैसी वारदातें नहीं करता था। उसका अपराध मुख्य रूप से सुपारी देकर या गैंग के साथियों के साथ मिलकर हत्या करने तक सीमित रहा।

