धर्म

आचार्य देवव्रत ने सुनाई ध्रुव और प्रहलाद चरित्र की कथा, भावविभोर हुए श्रद्धालु, भजनों पर झूमे भक्त

Ramesh Pandey
By Ramesh Pandey On नवम्बर 1, 2026
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आचार्य देवव्रत

प्रतापगढ़, 1 नवंबर 2026। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के जेठवारा क्षेत्र स्थित बोधई का पुरवा में आयोजित संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा में रविवार को भक्ति और आस्था का विशेष वातावरण देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय कथावाचक आचार्य देवव्रत जी महाराज ने ध्रुव चरित्र और प्रहलाद चरित्र का भावपूर्ण वर्णन कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा के दौरान पूरा पंडाल भक्तिरस में सराबोर नजर आया।

आचार्य देवव्रत जी महाराज ने ध्रुव चरित्र का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि बालक ध्रुव ने दृढ़ संकल्प, अटूट विश्वास और कठिन तपस्या के बल पर भगवान की कृपा प्राप्त की। उन्होंने कहा कि ध्रुव की कथा जीवन में लक्ष्य के प्रति समर्पण, धैर्य और निष्ठा बनाए रखने की प्रेरणा देती है। सच्ची लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति के सामने कठिन परिस्थितियां भी बाधा नहीं बन सकतीं।

प्रहलाद चरित्र का वर्णन करते हुए आचार्य ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी भगवान के प्रति विश्वास और भक्ति कमजोर नहीं होनी चाहिए। भक्त प्रहलाद की अटूट श्रद्धा के आगे हिरण्यकश्यप का अहंकार टिक नहीं सका। इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने श्रद्धालुओं को विश्वास, भक्ति और सदाचार का संदेश दिया।

कथा के बीच प्रस्तुत संगीतमय भक्ति गीतों ने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया। भजन सुनकर श्रद्धालु झूमते और भगवान की भक्ति में लीन नजर आए।

आयोजकों के अनुसार, श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन 30 अक्टूबर से 5 नवंबर तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक किया जा रहा है। कार्यक्रम की संयोजक उमिर्ला देवी एवं उमापति ओझा हैं। आयोजक मनोज कुमार ओझा ने बताया कि 6 नवंबर को पूर्णाहुति एवं हवन होगा, जबकि 7 नवंबर को महाप्रसाद वितरण और भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

Ramesh Pandey

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रमेश पांडेय (Ramesh Pandey) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें डिजिटल मीडिया और क्षेत्रीय समाचार रिपोर्टिंग में 20 वर्षों का अनुभव है।