मुंबई, 1 नवंबर 2026। अंबानी परिवार ने जनसेवा के क्षेत्र में बड़ी मानवीय पहल की है। उद्योगपति का यह परिवार 100 एकड़ में नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय तैयार करेगा। इस आश्रय का निर्माण रिलायंस फाउंडेशन के द्वारा किया जाएगा। इसके लिए महाराष्ट्र के कर्जत में 100 एकड़ भूमि ले ली गयी है।
इस परिसर में 5,000 से अधिक लोगों के रहने और उनकी जरूरतों के अनुरूप स्वास्थ्य, शिक्षा तथा पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। रविवार, 1 नवंबर को रिलायंस फाउंडेशन की फाउंडर और चेयरपर्सन नीता अंबानी ने इसका भूमिपूजन किया। इस अवसर पर ईशा अंबानी भी मौजूद रहीं।
यह पहल केवल जरूरतमंद लोगों को आश्रय देने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि उन्हें घर और परिवार जैसा वातावरण उपलब्ध कराने की परिकल्पना पर आधारित है। रिलायंस फाउंडेशन की यह गैर-लाभकारी परियोजना आवश्यक मंजूरियां मिलने के बाद चरणबद्ध तरीके से विकसित की जाएगी।
हर व्यक्ति को मिलेगा अपनापन और सम्मान
भूमिपूजन के अवसर पर नीता अंबानी ने कहा कि अनंत आश्रय उनके और उनके परिवार के दिल के बेहद करीब है। उन्होंने कहा, एक मां के तौर पर मेरी सबसे बड़ी उम्मीद है कि जिन माता-पिता को जीवनभर यह चिंता रही है कि उनके न रहने पर बच्चों की देखभाल कौन करेगा, उन्हें यह भरोसा मिल सके कि उनके बच्चे का हमेशा अपना घर और परिवार होगा।
उन्होंने उम्मीद जताई कि इस परिसर में हर उम्र के व्यक्ति को गरिमा के साथ जीवन जीने और भविष्य की ओर उम्मीद के साथ देखने का अवसर मिलेगा।
इस परियोजना की खासियत यह होगी कि यहां पारंपरिक आश्रय गृहों की तरह बड़ी संस्थागत व्यवस्था के बजाय परिवार जैसे छोटे-छोटे घर बनाए जाएंगे। प्रत्येक घर में विशेष रूप से नियुक्त कर्मचारी देखभाल की जिम्मेदारी संभालेंगे। यहां रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य, शिक्षा और व्यक्तिगत विकास की अलग-अलग योजनाएं तैयार की जाएंगी।
अस्पताल से लेकर शिक्षा और पुनर्वास तक की सुविधा
प्रस्तावित परिसर में विशेष अस्पताल, पुनर्वास केंद्र, फिजियोथेरेपी और अन्य चिकित्सा सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही शिक्षा, खेल, संगीत और कला से जुड़ी गतिविधियों के अवसर भी उपलब्ध कराने की योजना है, ताकि यहां रहने वाले लोग अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार आगे बढ़ सकें।
आर्थिक आत्मनिर्भरता और कौशल विकास को ध्यान में रखते हुए बेकरी, कैफे और हस्तशिल्प केंद्र भी प्रस्तावित हैं। इनके माध्यम से रोजगार और कामकाजी कौशल विकसित करने के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
परिसर में मंदिर, बगीचे और वनतारा के सहयोग से पशुओं के साथ जुड़ाव बढ़ाने वाला फार्म भी विकसित करने की योजना है। इसके अलावा आसपास के गांवों के लोगों को भी यहां की कुछ सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
15 हजार लोगों का समुदाय विकसित करने की परिकल्पना
परियोजना के तहत केवल यहां रहने वाले लोगों की जरूरतों को ही नहीं, बल्कि देखभाल से जुड़े व्यापक सामाजिक और व्यावसायिक ढांचे को भी ध्यान में रखा गया है। यहां रहने वाले लोगों, चिकित्सा विशेषज्ञों, कर्मचारियों और उनके परिवारों को मिलाकर करीब 15 हजार लोगों का समुदाय विकसित होने की उम्मीद है।
नीता अंबानी ने अपने जन्मदिन के अवसर पर इस पहल का भूमिपूजन किया। अपने संबोधन में उन्होंने अनंत आश्रय को भारत मां के चरणों में एक मां की ओर से छोटी-सी भेंट बताया।
अनंत आश्रय की परिकल्पना ऐसे लोगों के लिए दीर्घकालिक देखभाल और सामाजिक सुरक्षा का वातावरण तैयार करने की है, जिन्हें जीवन में सहारे और संरक्षण की जरूरत है। हालांकि, इस परियोजना की वास्तविक उपयोगिता इसके निर्माण के बाद उपलब्ध होने वाली सुविधाओं, देखभाल की गुणवत्ता और जरूरतमंद लोगों तक पहुंच पर निर्भर करेगी।

