रायपुर, 22 जून 2025। अमित कटारिया, छत्तीसगढ़ कैडर के 2004 बैच के IAS अधिकारी, देश के सबसे अमीर IAS अधिकारियों में शुमार हैं। उनकी अनुमानित संपत्ति 8.90 करोड़ रुपये है, जो मुख्य रूप से दिल्ली-एनसीआर में उनके परिवार के रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन व्यवसाय से आती है। लेकिन उनकी पहचान केवल संपत्ति से नहीं, बल्कि निस्वार्थ सेवा और सादगी से बनी है। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने मात्र 1 रुपये की सैलरी ली, जो उनकी देशसेवा के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
कटारिया ने IIT दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में B.Tech किया और 2003 में UPSC परीक्षा में 18वीं रैंक हासिल की। छत्तीसगढ़ में जिला कलेक्टर और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया। उनकी कार्यशैली पारदर्शी और जन-केंद्रित रही।
उनकी पत्नी अस्मिता हांडा, एक कमर्शियल पायलट, लाखों रुपये कमाती हैं, जो उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को और मजबूत करता है। इतनी संपत्ति के बावजूद, कटारिया की सादगी और नैतिकता उन्हें अलग बनाती है। वे अपने निजी जीवन को मीडिया से दूर रखते हैं और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ पारिवारिक जीवन में संतुलन बनाए रखते हैं।
कटारिया की कहानी UPSC अभ्यर्थियों और युवाओं के लिए प्रेरणा है। 1 रुपये की सैलरी का उनका फैसला दर्शाता है कि सच्ची सेवा का मूल्य पैसे से नहीं मापा जा सकता। उनकी मेहनत, शिक्षा और समाज के प्रति प्रतिबद्धता हर किसी को सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करती है।
वर्तमान में वह छत्तीसगढ़ शासन में स्वास्थ्य विभाग में सचिव पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसके पहले वह राज्य के कई जिले में कलेक्टर भी रहे हैं। जगदलपुर में कलेक्टर रहने के दौरान उनका एक किस्सा सबसे अधिक चर्चा में था जब उन्होंने काला चश्मा पहनकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वागत किया था।

















