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पीएनबी ने कोड अगेंस्ट मैलवेयर हैकाथॉन में साइबर सुरक्षा को लेकर दी जानकारी

पीएनबी ने कोड अगेंस्ट मैलवेयर हैकाथॉन में साइबर सुरक्षा को लेकर दी जानकारी

लखनऊ, 20 जुलाई 2025। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने अपने लखनऊ मुख्यालय में कोड अगेंस्ट मैलवेयर हैकाथॉन के पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य आयोजन किया। इस हैकाथॉन का संचालन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) कानपुर के सहयोग से, वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) के मार्गदर्शन में किया गया। इसका उद्देश्य साइबर सुरक्षा में नवाचार को बढ़ावा देना और भारत की युवा तकनीकी प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करना था।

समारोह में वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू (आईएएस) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल, आईबीए के मुख्य कार्यकारी अतुल कुमार गोयल, पीएनबी के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ अशोक चंद्र, अन्य गणमान्य अतिथि, संकाय सदस्य, जूरी और छात्र प्रतिभागी मौजूद रहे।

कोड अगेंस्ट मैलवेयर हैकाथॉन की शुरुआत दिसंबर 2024 में हुई थी। इसमें आईआईटी कानपुर और अन्य प्रमुख संस्थानों की छात्र टीमों को व्यवहार विश्लेषण (बिहैविरियल एनॉलिसिस), कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), और ह्यूरिस्टिक तकनीकों का उपयोग करके रैंसमवेयर का पता लगाने के लिए एंडपॉइंट सुरक्षा समाधान विकसित करने का अवसर दिया गया। इस पहल को अपार समर्थन मिला, जिसमें 90 टीमों ने पंजीकरण कराया। इनमें से 15 टीमें डेवलपमेंट चरण तक पहुंचीं, और सात कार्यशील प्रोटोटाइप जूरी के समक्ष प्रस्तुत किए गए। जूरी ने इन प्रोटोटाइप का मूल्यांकन नवाचार, उपयोगिता और प्रभाव के आधार पर किया।

मुख्य अतिथि एम. नागराजू ने अपने संबोधन में बैंकिंग क्षेत्र में साइबर सुरक्षा के बढ़ते महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, डिजिटल युग में साइबर खतरों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसी पहलें न केवल तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहन देती हैं, बल्कि उभरते डिजिटल खतरों के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर लचीलापन बनाने में भी योगदान देती हैं। उन्होंने इस तरह के आयोजनों को युवा प्रतिभाओं और वित्तीय क्षेत्र के बीच सहयोग का एक मजबूत माध्यम बताया।

पीएनबी के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ अशोक चंद्र ने अपने संबोधन में कहा, हमारा उद्देश्य तकनीकी नवाचार, साइबर जोखिमों को कम करना और उद्योग व शिक्षाविदों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है। यह हैकाथॉन भारत के वित्तीय ढांचे को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बैंक की डिजिटल परिवर्तन और ग्राहक डेटा की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया।

हैकाथॉन के विजेताओं को पुरस्कार के रूप में 11 लाख रुपये तक की राशि प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, विजेताओं को मुंबई में आयोजित होने वाले ग्लोबल फिनटेक फेस्टिवल (जीएफएफ) 2025 में अपने समाधानों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। यह मंच अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की समान पहलों के विजेताओं के साथ सहयोग और नवाचार को और बढ़ाएगा।

पंजाब नेशनल बैंक, भारत के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में से एक है, जो साइबर सुरक्षा, डिजिटल भुगतान और वित्तीय समावेशन में अग्रणी नवाचारों के लिए जाना जाता है। हाल ही में बैंक को साइबर सिक्योरिटी टीम ऑफ द ईयर, इंसिडेंट रिस्पांस मैच्योरिटी, और डिजिटल पेमेंट्स अवार्ड (वित्तीय वर्ष 2024-25) जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। यह हैकाथॉन पीएनबी की डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित करने और अगली पीढ़ी के साइबर सुरक्षा नेताओं को तैयार करने की दिशा में एक और कदम है।

यह आयोजन न केवल तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करने में सफल रहा, बल्कि इसने युवा प्रतिभाओं को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों का सामना करने का अवसर भी प्रदान किया। पीएनबी और आईआईटी कानपुर के इस सहयोग ने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक नया मानदंड स्थापित किया है, जो भविष्य में और अधिक नवाचारों की नींव रखेगा।