तपती धूप में शनिदेव धाम आए श्रद्धालुओं की सनातनी युवाओं ने की सेवा


प्रतापगढ़, 30 मई 2026। हिंदू धर्म शास्त्रों में अधिक मास को भगवान की भक्ति और पुण्य कर्मों के लिए विशेष महत्व दिया गया है। इस पावन महीने में धर्म-अध्यात्म के प्रति लोगों की आस्था देखते ही बनती है। प्रतापगढ़ के प्रसिद्ध कुशफरा स्थित शनिदेव धाम में इन दिनों दर्शनार्थियों का तांता लगा हुआ है। भगवान शिव की विशेष उपासना और शनिदेव की कृपा पाने के लिए दूर-दराज से आ रहे श्रद्धालुओं के प्रति मानवता और सेवा भाव का एक सुंदर दृश्य शनिवार को देखने को मिला। भीषण गर्मी और तपती दुपहरी के बीच, क्षेत्र के उत्साही सनातनी युवाओं ने सेवा का संकल्प लेते हुए श्रद्धालुओं को शीतल पेय और शरबत पिलाकर अनूठी मिसाल पेश की।

शनिवार का दिन, जो कि वैसे भी शनिदेव की पूजा के लिए विशेष माना जाता है, कुशफरा धाम में भक्तों की भारी भीड़ लेकर आया। अधिक मास के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु लंबी दूरी तय करके दर्शन के लिए पहुंचे थे। बढ़ते तापमान और चिलचिलाती धूप में भक्तों को हो रही परेशानी को देखते हुए स्थानीय युवाओं की एक टोली ने जन सेवा ही प्रभु सेवा के भाव के साथ स्टॉल लगाकर उनकी थकान मिटाने का बीड़ा उठाया।

युवाओं के इस समूह ने न केवल श्रद्धालुओं को ठंडा शरबत और शीतल पेय उपलब्ध कराया, बल्कि कतार में खड़े बुजुर्गों और महिलाओं को छाया में बिठाकर उनकी कुशल-क्षेम भी पूछी। इस सेवा कार्य में तीर्थ राज मिश्र, सुशील मिश्र, सुनील, शिवम, अंश, दिब्यांश, रोनक, अजय सिंह, बबलू सिंह, गम्भीर सिंह, दिनेश सिंह, प्रदीप मिश्रा, छोटू, अंशू मिश्रा और लक्ष्य मिश्र सहित दर्जनों उत्साही युवा दिनभर पूरी तत्परता के साथ जुटे रहे।

सेवा कर रहे युवाओं ने कहा, भगवान की भक्ति केवल मंदिरों में मत्था टेकने तक सीमित नहीं है, बल्कि राह चलते थके हुए राहगीरों और भक्तों की सेवा करना भी सच्ची ईश्वर भक्ति है। शनिदेव धाम आने वाले भक्तों की सेवा करके हमें आत्मिक शांति और आशीर्वाद प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि अधिक मास में पुण्यों का फल कई गुना बढ़ जाता है, ऐसे में जनसेवा से बढ़कर दूसरा कोई बड़ा पुण्य नहीं है।

श्रद्धालुओं ने युवाओं के इस सेवा कार्य की सराहना की। तपती दोपहर में शीतल पेय मिलने से गदगद हुए भक्तों ने इन युवाओं को आशीर्वाद देते हुए कहा कि निस्वार्थ भाव से की गई यह सेवा आज के समय में बहुत कम देखने को मिलती है। कई बुजुर्ग श्रद्धालुओं ने कहा कि इस शीतल शरबत ने न केवल उनकी प्यास बुझाई, बल्कि इस भीषण गर्मी में उन्हें नई ऊर्जा भी दी।

कुशफरा स्थित शनिदेव धाम प्रबंधन और स्थानीय निवासियों ने भी युवाओं की इस पहल का स्वागत किया है। प्रतापगढ़ का यह धाम न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि सामाजिक सद्भाव के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। शाम ढलने तक यह सेवा कार्य अनवरत जारी रहा।