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बेल्हा के लाल रवि त्रिपाठी ने हिंदी फिल्म संत तुकाराम में बिखेरा संगीत का जादू

बेल्हा के लाल रवि त्रिपाठी ने हिंदी फिल्म संत तुकाराम में बिखेरा संगीत का जादू

प्रतापगढ़, 24 जुलाई 2025। बेल्हा की उर्वर भूमि से निकले पार्श्व गायक और संगीतकार रवि त्रिपाठी ने हिंदी फिल्म ‘संत तुकाराम’ में अपने गीत और संगीत से दर्शकों का दिल जीत लिया है। 18 जुलाई 2025 को देशभर में रिलीज हुई इस फिल्म में उनके गीत ‘माऊली-माऊली’ ने सोशल मीडिया से लेकर हर तरफ धूम मचा दी है। दर्शकों की भारी भीड़ इस फिल्म को देखने के लिए उमड़ रही है।

करज़ोन फिल्म्स और आदित्य ओम द्वारा निर्मित इस फिल्म में महाराष्ट्र की संत परंपरा के आधार स्तंभ संत तुकाराम के जीवन चरित्र को दर्शाया गया है। रवि त्रिपाठी ने बताया कि इस फिल्म में संगीत देने और गीत गाने का अवसर उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा, ऐसे समय में जब समाज में भाषा और क्षेत्रवाद का ज़हर बोया जा रहा है, संत तुकाराम की जीवन गाथा हिंदी में बनाकर पूरे देश और विश्व तक पहुंचाना हमें एक सूत्र में पिरोने का काम करता है।

फिल्म में मराठी सिनेमा के सुप्रसिद्ध अभिनेता सुबोध भावे ने संत तुकाराम की भूमिका निभाई है, जबकि संजय मिश्रा, अरुण गोविल, शिशिर शर्मा, शीना चौहान और शिवा सूर्यवंशी जैसे कलाकारों ने विभिन्न किरदारों को जीवंत किया है।

रवि त्रिपाठी की प्रतिभा यहीं तक सीमित नहीं है। वे इंडियन आइडल 2 के मेगा फाइनलिस्ट रहे हैं और 2010 में चीन के गुआंगझाऊ में आयोजित एशियन गेम्स के समापन समारोह में 4000 चीनी कलाकारों के साथ भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

उन्होंने एनडीटीवी के ‘रामायण’ सीरियल, ‘देवों के देव महादेव’, और ‘शिरडी साईं बाबा’ जैसे धारावाहिकों में ‘नागेंद्रहराय’ और ‘ओम जय साईनाथ’ जैसे गीत गाए। अक्षय कुमार की फिल्म ‘चांदनी चौक टू चाइना’ में बप्पी लहरी के लिए गाना गाया और नेहा कक्कड़ के साथ ‘क्लोजअप परफॉर्मर’ रियलिटी शो होस्ट किया। उनकी आवाज दूरदर्शन और वेव ओटीटी पर प्रसारित ‘फौजी-2’ वेब सीरीज के गीत में भी गूंज रही है।

रवि ने सुरेश वाडकर, सोनू निगम, कैलाश खेर, शान, अंकित तिवारी, पलक मूछल और मालिनी अवस्थी जैसे दिग्गजों के साथ कई आगामी फिल्मों के लिए संगीत तैयार किया है। सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रवि, बेल्हा में आयोजित कार्यक्रमों में योगदान देते हैं और लालगंज में संगीत विद्यालय संचालित कर स्थानीय प्रतिभाओं को निखार रहे हैं। महाशिवरात्रि पर बाबा घुइसरनाथ धाम और शिवाला मंदिर में आयोजित कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति लोगों का हौसला बढ़ाती है।

रवि की सादगी और सौम्यता ने उन्हें बेल्हा के लोगों के दिलों में खास जगह दी है। उनके गीत ‘माऊली-माऊली’ ने ‘संत तुकाराम’ फिल्म को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है, जो आज हर तरफ चर्चा का विषय बना हुआ है।