• Home
  • छत्तीसगढ़
  • चित्रकला उत्सव में 150 बच्चों ने दिखाया हुनर, 10 शिक्षकों का हुआ सम्मान
चित्रकला उत्सव में 150 बच्चों ने दिखाया हुनर, 10 शिक्षकों का हुआ सम्मान

चित्रकला उत्सव में 150 बच्चों ने दिखाया हुनर, 10 शिक्षकों का हुआ सम्मान

रायपुर, 18 अगस्त 2025। स्वतंत्रता दिवस पर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सिटी सेंटर मॉल, पंडरी में नव संचार शिक्षण परिषद ने एक भव्य चित्रकला प्रतियोगिता और सम्मान समारोह का आयोजन किया। कार्यक्रम में 150 से अधिक विद्यार्थियों ने अपनी कला का जादू बिखेरा। 10 शिक्षकों को उनके निःस्वार्थ शैक्षिक और सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

चित्रकला प्रतियोगिता दो आयु वर्गों में आयोजित की गई थी। पहला समूह 5 से 12 वर्ष के बच्चों का था, जिसमें प्रथम स्थान अर्णव प्रवीण चोपकर, द्वितीय स्थान अरिपा सिंह और तृतीय स्थान अद्विका पांडे ने हासिल किया। दूसरा समूह 13 से 20 वर्ष के किशोरों का था, जिसमें दीपक ध्रुव ने प्रथम, नेहा कोसले ने द्वितीय और रियांश रंजन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। बच्चों ने अपने चित्रों के माध्यम से देशभक्ति, पर्यावरण और सामाजिक मुद्दों को रंगों में उकेरा, जिसने उपस्थित सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। निर्णायक मंडल में श्रीमती सविता मोतलग, श्रीमती माया डोंगरे और मैत्री वैष्णव शामिल थीं, जिन्होंने बच्चों की प्रतिभा का निष्पक्ष मूल्यांकन किया।

मुख्य अतिथि के रूप में नेहा त्रिवेदी और बंटी होरा उपस्थित रहे। नव संचार शिक्षण परिषद की संचालिका और संपादक श्रीमती उमा धोटे ने बताया कि पिछले 30 वर्षों से संस्था शिक्षा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में कार्यरत है। यह संस्था विशेष रूप से ग्रामीण और स्लम क्षेत्रों के उन बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करती है, जो आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं। श्रीमती धोटे ने बताया कि इस आयोजन की तैयारी पिछले एक माह से चल रही थी। ऑनलाइन और ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन के जरिए 150 बच्चों ने हिस्सा लिया, लेकिन जगह की कमी के कारण ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन रोकना पड़ा।

कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण रहा 10 शिक्षकों का सम्मान समारोह। डॉ. अर्चना पांडे, डॉ. पीयूष दुबे, डॉ. संतोष आदिल, कुमारी एन कोरियन, प्रमोद शर्मा, श्रीमती अंजलि कालरा, श्रीमती कोमल मोटवानी, श्रीमती पूजा चौबे और कुमारी आफरीन को उनके निःस्वार्थ शैक्षिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। ये शिक्षक ग्रामीण और स्लम क्षेत्रों में बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करते हैं और समाज को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सम्मान समारोह में उनकी सेवाओं को सराहा गया और उपस्थित लोगों ने तालियों से उनका अभिनंदन किया।

संस्था की संस्थापक उमा धोटे के साथ कुमारी खुशी धोटे, मास्टर सौजन्य पांडे, कुमारी संपदा पांडे, कुमारी मानसी, मास्टर आयुष पांडे, चीनी जैन और अध्यक्ष कविता मुंदडा ने इस आयोजन को सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। श्रीमती धोटे ने बताया कि यह आयोजन बच्चों को उनकी रचनात्मकता करने का मंच देने के साथ-साथ समाज में शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास था।