वाराणसी, 2 नवंबर 2025। किसी भी सपने को प्राप्त करने के लिए लक्ष्य निर्धारित करके कार्य को करना बहुत ही जरूरी होता है। यह बातें जिला ग्राम्य विकास संस्थान परमानंदपुर में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत मॉडल संकुल स्तरीय संघ का विजनिंग मॉड्यूल-3 विषय पर चल रहे चार दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण सत्र के समापन अवसर पर प्रशिक्षुओं को सम्बोधित करते हुए जिला प्रशिक्षण अधिकारी विमल कुमार सिंह ने कही।
उन्होंने कहा कि यदि हमें अपने निर्धारित सपने को प्राप्त करना है तो सीएलएफ के पदाधिकारियों और सभी कार्यकारिणी सदस्यों (ईसी) को मिलकर आम सहमति के साथ लगातार प्रयास करना होगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम के इन चार दिवसों में डीआरपी राजेश कुमार द्विवेदी और घनश्याम प्रजापति ने प्रशिक्षुओं को विभिन्न गतिविधियों की जानकारी प्रदान की।
प्रशिक्षण में विभिन्न मंचों एसएचजी, ग्राम संगठन और सीएलएफ की भूमिका के बारे में जानकारी दी गयी। उनकी कार्ययोजना को तैयार कराया गया, जिसके अंतर्गत निर्धारित पांच वर्षों के लक्ष्य को पूरा करने के लिए संगठन स्तर पर क्या कार्य करना है और किसकी क्या जिम्मेदारी होगी यह तय किया गया। साथ ही साथ किन-किन विभागों से समन्वय स्थापित करके उनसे सहयोग प्राप्त करना है इसका मानचित्र तैयार कराकर समझाया गया।
समापन अवसर पर सत्र प्रभारी संजय कुमार द्वारा सभी प्रशिक्षुओं एवं अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर सुरेश तिवारी, नीरज कुमार, पूजा दिलवा, राजकुमारी, पूनम, जया यादव, छाया तिवारी, कविता, चन्दा देवी, ममता देवी, रेखा, प्रिय शर्मा, मीना, कमरुनिशा, नीता, सुनीता, संगीता, सुधा, नीतू, आरती, किरन, इंदू, सुषमा, रीना आदि सहित 33 प्रतिभागियों की उपस्थिति रही।














