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मां अष्टभुजा देवी धाम पर आचार्य अशोक ने सुनाई सृष्टि सृजन की कथा

मां अष्टभुजा देवी धाम पर आचार्य अशोक ने सुनाई सृष्टि सृजन की कथा

जेठवारा (प्रतापगढ़), 8 नवंबर 2025। जेठवारा बाजार की पूर्व दिशा में स्थित मां अष्टभुजा देवी धाम पर चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के तीसरे दिन आचार्य अशोक जी महाराज ने भक्तों को ज्ञान, भक्ति और सृष्टि सृजन की कथा सुनाई। कथा के दौरान उन्होंने बताया कि सुखदेव जी महाराज द्वारा राजा परीक्षित को सुनाई जा रही कथा में भगवान की आराधना और भक्ति के महत्व का विस्तृत वर्णन मिलता है। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण कर देता है, तब उसके भीतर किसी भी प्रकार की सांसारिक कामना शेष नहीं रहती।

कथा के क्रम में आचार्य अशोक जी महाराज ने भगवान नारायण की इच्छा से ब्रह्मा जी की उत्पत्ति और सृष्टि सृजन की प्रक्रिया का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान विष्णु की नाभि से प्रकट कमल के पुष्प से ब्रह्मा जी का अवतरण हुआ। प्रारंभ में ब्रह्मा जी को यह ज्ञात नहीं था कि वे कौन हैं और उनका उद्देश्य क्या है। इस रहस्य को जानने के लिए उन्होंने कठोर तपस्या की, जिसके पश्चात भगवान नारायण ने उन्हें दर्शन दिए। भगवान की प्रेरणा से ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना प्रारंभ की।

आचार्य जी ने आगे बताया कि ब्रह्मा जी ने सबसे पहले प्रकृति की रचना की, उसके बाद उनके मन से मानस ऋषियों का जन्म हुआ, किंतु उन्होंने सृष्टि रचना का कार्य करने से इंकार कर दिया। तब ब्रह्मा जी ने अपने बाएं भाग से मनु और दाएं भाग से सतरूपा को उत्पन्न किया। भगवान की प्रेरणा से मनु और सतरूपा ने सृष्टि विस्तार का कार्य प्रारंभ किया। उनके दो पुत्र उत्तानपाद और प्रियव्रत तथा तीन पुत्रियां आकूती, देवभूति और प्रसूति हुईं।

कथा के दौरान भगवान के वराह अवतार का भी विस्तृत वर्णन किया गया। आचार्य अशोक जी महाराज ने बताया कि भगवान ने वराह रूप धारण कर पृथ्वी को पाताल से ऊपर उठाया और सृष्टि संतुलन को पुन: स्थापित किया। कथा के इस प्रसंग पर उपस्थित भक्त भावविभोर होकर भक्ति संगीत में लीन हो गए।

श्री अष्टभुजा देवी धाम परिसर में संगीतमय कथा के दौरान मधुर भजनों की ध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु भगवान के नाम में झूमते हुए भक्ति में डूब गए। इस अवसर पर भाजपा नेता शिव प्रकाश मिश्र सेनानी, अशोक मिश्र, संजय मिश्र, राकेश सिंह, लालता प्रसाद पाण्डेय, इंद्रानंद तिवारी, रामसुंदर तिवारी, ओम प्रकाश मिश्र, सूर्य नारायण पाण्डेय, लल्ला सिंह, कमल पाण्डेय, त्रिलोकी सिंह, केशव प्रसाद पाण्डेय, यमुना प्रसाद द्विवेदी, बसंत पाण्डेय, श्रीकांत मिश्र, पुजारी आचार्य राम अंजोर तिवारी, राजेंद्र पाण्डेय सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।