| आदर्श महाविद्यालय, रायपुर में भारतीय ज्ञान परंपरा और एनईपी-2020 पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में दिये गये पुरस्कार |
रायपुर, 23 दिसंबर 2025। मूल्य आधारित शिक्षा पर विप्र कॉलेज रायपुर की डॉ प्रियंका तिवारी ने सर्वोत्कृष्ठ शोध किया है। उनके शोध पत्र को आदर्श महाविद्यालय, रायपुर में भारतीय ज्ञान परंपरा और एनईपी-2020 पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रथम पुरस्कार दिया गया। इसी क्रम में आईटी कॉलेज, भिलाई की भावना क्षत्रिय के शोध को द्वितीय और आदर्श कॉलेज की नोमेश्वरी साहू के शोध को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
निर्णायक मंडल द्वारा शोध-पत्रों का मूल्यांकन अकादमिक गुणवत्ता, नवाचार, विषय की प्रासंगिकता एवं शोध-दृष्टि के आधार पर किया गया। पुरस्कार वितरण के माध्यम से शोधार्थियों एवं शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण और मूल्य-आधारित शोध के लिए प्रेरित किया गया। संगोष्ठी के अंतर्गत प्रस्तुत उत्कृष्ट शोध कार्यों को प्रोत्साहित करने श्रेष्ठ शोध-पत्र पुरस्कार प्रदान किए गए।
बता दें आदर्श महाविद्यालय, दतरेंगा, रायपुर ने 19 और 20 दिसंबर 2025 को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया। इस आयोजन में कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय और वीतराग रिसर्च फाउंडेशन ने भी सहयोग दिया। संगोष्ठी का विषय भारतीय ज्ञान परंपरा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का सामंजस्य: समग्र एवं परिवर्तनकारी उच्च शिक्षा की दिशा में, रहा।
संगोष्ठी का शुभारंभ छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की चेयरमैन डॉ. वर्णिका शर्मा ने किया। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा के नैतिक, सामाजिक एवं मानवीय मूल्यों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के साथ जोड़ते हुए बाल-केंद्रित एवं मूल्य-आधारित शिक्षा की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्य व्याख्यान कोलंबिया कॉलेज की उप-प्राचार्य, डॉ. आभा दुबेने दिया। उन्होंने एनईपी-2020 की परिकल्पना के अनुरूप बहुविषयक, समग्र एवं मूल्य-आधारित शिक्षा में भारतीय ज्ञान परंपरा की भूमिका पर प्रकाश डाला।

तकनीकी सत्रों में देश के प्रतिष्ठित विद्वानों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रथम तकनीकी सत्र में पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के डॉ. राजीव चौधरी, रामजस कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. आलोक कुमार सिंह तथा दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. अश्विनी कुमार राय ने अंतर्विषयक शिक्षा, सतत विकास एवं पारंपरिक ज्ञान के आधुनिक संदर्भों पर अपने विचार साझा किए।
डॉ. अंजली ओढिया, संयुक्त निदेशक, रूसा, राज्य परियोजना निदेशालय, रायपुर ने एनईपी-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, संस्थागत गुणवत्ता संवर्धन तथा NAAC मानकों के अनुरूप रणनीतियों पर प्रकाश डाला।
समापन सत्र के मुख्य अतिथि डॉ. बंश गोपाल सिंह, पूर्व कुलपति, पं. सुंदरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय, बिलासपुर रहे। अपने समापन उद्बोधन में उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक शैक्षिक सुधारों के समन्वय को राष्ट्र निर्माण की दिशा में अत्यंत आवश्यक बताया।
संगोष्ठी का आयोजन आदर्श महाविद्यालय के निदेशक विवेक सक्सेना के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के संरक्षक के रूप में डॉ. दिव्या शर्मा (वीतराग रिसर्च फाउंडेशन) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संगोष्ठी के संयोजक के रूप में डॉ. रोली तिवारी ने संपूर्ण आयोजन का प्रभावी समन्वय किया। प्राचार्य डॉ. बरनाली रॉय के नेतृत्व में आयोजन समिति ने कार्यक्रम को सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया।













