Highlights
- बोधई का पुरवा में श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन राम-कृष्ण जन्म प्रसंग का हुआ वर्णन
- भजन-कीर्तन पर भक्तों ने किया नृत्य, भक्ति रस में सराबोर हुआ कथा पंडाल
प्रतापगढ़, 2 नवंबर 2026। जेठवारा क्षेत्र के बोधई का पुरवा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन सोमवार को भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की धूम रही। अंतरराष्ट्रीय कथावाचक आचार्य देवव्रत जी महाराज ने दोनों भगवान के अवतरण प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया तो श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। श्रीकृष्ण जन्म के उल्लास में कथा पंडाल जय कन्हैया लाल की और हाथी-घोड़ा पालकी, जय नंदलाल की के जयकारों से गूंज उठा।
आचार्य ने बताया कि कंस के अत्याचार और पृथ्वी पर बढ़ते अधर्म का अंत करने के लिए भगवान श्रीहरि ने देवकी और वासुदेव के यहां श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया। वासुदेव भगवान कृष्ण को गोकुल में नंदबाबा और माता यशोदा के यहां पहुंचा आए। कान्हा के आगमन पर नंदोत्सव मनाया गया। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन के बीच नृत्य कर खुशियां मनाईं।
भगवान श्रीराम के जन्म प्रसंग का वर्णन करते हुए महाराज ने अयोध्या में राजा दशरथ और माता कौशल्या के घर प्रभु के अवतरण की कथा सुनाई। भये प्रगट कृपाला दीनदयाला भजन से वातावरण भक्तिमय हो गया।
महाराज ने कहा कि भगवान के अवतार का उद्देश्य धर्म की स्थापना और भक्तों का कल्याण करना है। कथा से प्रेम, त्याग और मर्यादा का संदेश दिया गया। मुख्य यजमान उमिर्ला देवी पत्नी उमापति ओझा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
इस दौरान निवेदक मनोज कुमार ओझा, हर्ष ओझा, बृज किशोर ओझा, राजू दुबे, मोनू पाण्डेय, अतुल पाण्डेय अरुण मिश्रा, विनोद मिश्रा, अनुप पाण्डेय, त्रिभुवन सिंह, शिव बहादुर सिंह, अंकुर तिवारी, दिनेश तोमर, त्रिभुवन ओझा, राम मूरत सिंह, सजन लाल गुप्ता, राजेश तोमर, बब्बन पटेल, रमेश भदोरिया, अजय मिश्रा, अनन्त सिंह तोमर गोपीनाथ पाठक, राम अंजोर तिवारी, श्याम बिहारी पाण्डेय सहित श्रद्धालु भक्त श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन रहे। पूरे आयोजन में श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर नजर आए।

