छत्तीसगढ़ के तीन जांबाज शौर्य चक्र से सम्मानित

रायपुर, 8 जून 2026। छत्तीसगढ़ के तीन जवान सोमवार 8 जून 2026 को प्रतिष्ठित वीरता सम्मान शौर्य चक्र से सम्मानित किये गए। दिल्ली स्थित राष्टपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्टपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने सम्मान प्रदान किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी मौजूद रहे। असम रायफल में पदस्थ जवान भोजराम साहू को मणिपुर में आंतकियों के साथ मुठभेड़ में अदम्य साहस और वीरता के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया। छत्तीसगढ़ में नक्सल अभियानों के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले पुलिस निरीक्षक लक्ष्मण केवट और निरीक्षक रामेश्वर देशमुख भी इस सम्मान से अलंकृत किये गये।

कौन हैं लक्ष्मण केवट और रामेश्वर देशमुख

छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियानों में अदम्य साहस, नेतृत्व क्षमता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देने वाले पुलिस अधिकारी निरीक्षक लक्ष्मण केवट और निरीक्षक रामेश्वर देशमुख को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। राजनांदगांव और बस्तर के दुर्गम जंगलों में वर्षों से नक्सल विरोधी अभियानों का नेतृत्व कर रहे दोनों जांबाज अफसरों ने कई सफल आॅपरेशनों को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस महकमे में दोनों अधिकारियों को नक्सल एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में जाना जाता है। निरीक्षक लक्ष्मण केवट अब तक 97 नक्सलियों के खिलाफ सफल अभियानों का हिस्सा रहे हैं, जबकि निरीक्षक रामेश्वर देशमुख 56 नक्सलियों के विरुद्ध हुई कार्रवाइयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।

भोजराम ने आतंकियों के छुड़ाये थे छक्के

असम राइफल्स के जवान भोजराम साहू ने बताया कि 15 नवंबर, 2024 को मणिपुर के टेंगनोपाल में आतंकियों के घुसने की सूचना मिली थी। करीब 9:30 बजे आतंकियों के साथ मुठभेड़ हो गई, जिसमें भोजराम साहू को एक गोली भी लगी थी, लेकिन उनका हौंसला नहीं टूटा, जवाब कार्रवाई में भोजराम ने फायरिंग नहीं रोकी। इस वजह से आतंकियों को मैदान छोड़कर भागना पड़ा। इस कार्रवाई में तीन आतंकी मारे गये थे। भोजराम साहू, बालोद जिले के आदिवासी विकास खण्ड डौंडी के गांव ढोर्रीठेमा के रहने वाले हैं। वह असम रायफल में पदस्थ हैं।