नई दिल्ली, 24 अक्टूबर 2026। अपापांग और अलांग 23 देशों का सफर करते हुए सुरक्षित भारत लौट आये हैं। ये दोनों अमूर फाल्कन हैं। फाल्कन को सामान्य भाषा में बाज पक्षी कहा जाता है। देश के पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अपापांग और अलांग की तस्वीर साझा करते हुए यह जानकारी सार्वजनिक किया है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है- 11 दिन पहले उत्तर-पूर्वी चीन में अपने प्रजनन क्षेत्रों से निकले दो अमूर फाल्कन (बाज) ‘अपापांग’ और ‘अलांग’ 22 अक्टूबर 2026 को मणिपुर पहुंच गए। यह उनकी लगभग साल भर चली ट्रैकिंग का सफल समापन हुआ है। अर्थात उनकी लगभग एक साल लंबी निगरानी यात्रा पूरी हो गई है।
नवंबर 2025 में भारतीय वन्यजीव संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा टैग किए जाने के बाद, ये पक्षी 23 देशों से होते हुए, अफ्रीका और एशिया के पार अपनी यात्रा पूरी करके वापस मणिपुर लौट आए हैं। सच कहें तो, अमूर फाल्कन एक तरह से ‘वैश्विक नागरिक’ हैं।
उम्मीद है कि ये दोनों अमूर फाल्कन अब मणिपुर के तामेंगलोंग जिले के खूबसूरत पहाड़ी इलाकों में कुछ चुनिंदा जगहों पर दो से तीन हफ्ते तक रुकेंगे। यहां के स्थानीय लोग हर साल बेसब्री से इनके लौटने का इंतज़ार करते हैं और इन पक्षियों की सुरक्षा भी करते हैं।
अपने पड़ाव के आस-पास निकलने वाली दीमकों को खाकर, ये अमूर फाल्कन अपने शरीर में वसा जमा कर लेंगे। यह उनके अगले सफर के लिए बहुत ज़रूरी है, जो लगभग 6000 किलोमीटर की एक नॉन-स्टॉप उड़ान होगी। यह सफर उन्हें यहां से सोमालिया तक ले जाएगा, जिसमें अरब सागर के ऊपर से 3000 किलोमीटर की दूरी तय करना भी शामिल है। अमूर फाल्कन अपनी लंबी प्रवास यात्राओं के लिए वाकई अद्भुत हैं।
