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वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए जयशंकर ने कूटनीति पर बल दिया

Ramesh Pandey
By Ramesh Pandey On अक्टूबर 31, 2026
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वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए जयशंकर ने कूटनीति पर बल दिया

अटलांटा, 31 अक्टूबर 2026। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक में डिप्लोमेसी की जरूरत पर बल दिया है। उन्होंने वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए सैन्य कार्रवाई के बजाय कूटनीति को प्राथमिकता देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सैन्य समाधान समस्याओं को हल नहीं कर सकते और कूटनीति को अपना मौका दिया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने समुद्री मार्गों पर हमलों के कारण वैश्विक दक्षिण के देशों पर पड़ रहे असमान प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई। अमेरिका के अटलांटा में शुक्रवार को जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक के पहले पूर्ण सत्र में हिस्सा लेने के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने विचार साझा किए।

उन्होंने लिखा, वैश्विक चुनौतियों के बीच सैन्य समाधान काम नहीं करेंगे और कूटनीति को मौका दिया जाना चाहिए। जयशंकर ने कहा, नागरिक जहाजों और नाविकों पर हो रहे हमलों का खामियाजा वैश्विक दक्षिण के देशों को असमान रूप से भुगतना पड़ रहा है। इससे ईंधन, खाद्य सामग्री और उर्वरकों की उपलब्धता प्रभावित होने के साथ उनकी कीमतों पर भी असर पड़ रहा है।

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून, विशेष रूप से समुद्री कानून पर संयुक्त राष्ट्र अभिसमय (यूएनसीएलओएस) के दायरे में नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने और हमलों को तत्काल रोकने की जरूरत पर जोर दिया। विदेश मंत्री ने बताया, भारत और लाइबेरिया ने नाविकों की सुरक्षा के लिए संयुक्त पहल शुरू की है। व्यापार के मुद्दे पर भी जयशंकर ने विकासशील देशों के हितों को मजबूती से उठाया। उन्होंने कहा, बाजारों में वस्तुओं की अत्यधिक आपूर्ति करके, आपूर्ति शृंखलाओं को हथियार बनाकर, बाजार तक पहुंच सीमित करके और बाजार में असंतुलन को बढ़ावा देकर विकासशील देशों के औद्योगीकरण के अधिकार को बाधित किया जा रहा है। यह सब बंद होना चाहिए।

जयशंकर ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में जोखिम कम करने और व्यापारिक निर्भरता में विविधता लाने के प्रयासों के बीच मजबूत तथा वैकल्पिक संपर्क व्यवस्था विकसित करने के महत्व पर भी जोर दिया। आतंकवाद के मुद्दे पर उन्होंने आगाह किया कि सामरिक और तात्कालिक हितों को ध्यान में रखते हुए आतंकवाद के खतरों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, आतंकवाद एक बेहद जोखिम भरा कदम है और इसे बढ़ावा देने वालों को भी अंततः इसका खामियाजा भुगतना पड़ा है। हालांकि, उन्होंने अपनी पोस्ट में किसी देश का नाम नहीं लिया।

जी-20 के इस सत्र की मेजबानी अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने की। उन्होंने भी बैठक के बाद एक्स पर कहा, समुद्री और खाद्य सुरक्षा आर्थिक सुरक्षा को आगे बढ़ाती हैं। उनके शुरुआती संबोधन के प्रारंभिक प्रतिलेख के मुताबिक, सत्र में नौवहन की स्वतंत्रता और खाद्य सुरक्षा पर चर्चा हुई। इससे पहले शुक्रवार को जयशंकर ने जी-20 बैठक में शामिल अन्य देशों के विदेश मंत्रियों के साथ तस्वीरें साझा करते हुए लिखा था कि वह अटलांटा में अपने सहयोगियों के साथ मौजूद हैं।

दो दिवसीय जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक शनिवार को समाप्त होगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, जयशंकर इस दौरान क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी हिस्सा लेंगे। इसके अलावा उनके कई द्विपक्षीय मुलाकातें करने का भी कार्यक्रम है।

Ramesh Pandey

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रमेश पांडेय (Ramesh Pandey) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें डिजिटल मीडिया और क्षेत्रीय समाचार रिपोर्टिंग में 20 वर्षों का अनुभव है।