नई दिल्ली, 12 अक्टूबर 2026। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 12 अक्टूबर 2026 की देर रात छह राज्यों में नये राज्यपाल की नियुक्ति की है। इनमें श्रीमती सुधा यादव कर्नाटक की राज्यपाल, ओम प्रकाश माथुर केरल के नए राज्यपाल, राजेंद्र अर्लेकर तमिलनाडु के लोकभवन भेजे गए, ब्रजमोहन राम ओडिशा के राज्यपाल होंगे, दुष्यंत गौतम को सिक्किम भेजा गया और डीएस बिसेन उत्तराखंड के गवर्नर होंगे।
दो राज्यपाल ओबीसी बिरादरी से हैं। 3 राज्यपाल दलित समाज से हैं। सुधा यादव हरियाणा की यादव समाज की बेटी हैं। इनके पति BSF के डिप्टी कमांडेंट सुखबीर सिंह यादव करगिल युद्ध में शहीद हुए थे। इन्होंने महेंद्रगढ़ की लोकसभा सीट जीती थी। नरेंद्र मोदी जब हरियाणा के इंचार्ज थे तब सुधा यादव की पॉलिटिक्स में एंट्री हुई थी। मोदी ने ही इन्हें चुनाव लड़ने के लिए मैदान में उतारा था। इनके बेटे सिद्धार्थ यादव बीजेपी के मीडिया सह-संयोजक भी हैं और प्रवक्ता भी। सुधा यादव बीजेपी की सबसे ताकतवर बॉडी पार्लियामेंट्री बोर्ड की मेंबर भी रहीं। इनके गवर्नर बनने के बाद ये जगह खाली हुई है। खबर है कि एक महिला नेता को ये जगह दी जाएगी।
धाल सिंह बिसेन मध्य प्रदेश के ओबीसी लीडर हैं। भोयार पवार समाज से आते हैं। चार बार विधायक रहे, राज्य में कैबिनेट मंत्री भी बने। स्कूल एजुकेशन, वन जैसे विभागों को संभाला। मध्य प्रदेश में फाइनेंस कमिशन भी देखा। पेशे से आयुर्वेदिक डॉक्टर हैं। पचास साल से बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं। इससे समझिए पार्टी अपने पुराने कार्यकर्ताओं को इनाम दे रही है। जो पचास साल तक एक ही पार्टी में जुड़ा रहा, उसे राज्यपाल बनाया गया।
ब्रज मोहन राम झारखंड से दलित लीडर हैं। जब झारखंड बिहार में था तब विधायक बने थे। पलामू से तीन बार सांसद भी रहे।
दुष्यंत गौतम दिल्ली के दलित लीडर हैं। जाटव समाज से आते हैं। पचास साल से बीजेपी और संघ से जुड़े रहे। बीजेपी के महासचिव भी रहे और SC मोर्चा के चीफ भी। पार्षद से राज्यसभा सांसद तक बने।
