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125 वर्षों बाद देश की अनमोल धरोहर वापस आई

Ramesh Pandey
By Ramesh Pandey On जनवरी 4, 2026
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asr24news

नई दिल्ली, 4 जनवरी 2025। उत्तर प्रदेश के पिपरावा जिसे हम कपिलवस्तु के नाम से जानते हैं, वहां 1898 में हुए उत्खनन में भगवान बुद्ध के अवशेष मिले थे। इसके बाद से ही पिपरावा को भगवान बुद्ध की जन्मस्थली के रुप में पहचान मिली। किन्तु दुर्भाग्य यह रहा कि यहां मिले सभी अवशेष हांगकांग के संग्रहालय में ले जाकर रख दिये गये। भारत की अनमोल धरोहर को वर्ष 2025 में नीलाम किया जा रहा था। इसकी जानकारी देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को हुई तो उन्होंने इस पर न केवल कड़ा ऐतराज जताया बल्कि भगवान बुद्ध के अवशेष को भारत वापस मंगाया।

अब इन अवशेषों को नई दिल्ली के राय पिथोरा संग्रहालय में रखा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 जनवरी 2026 को राय पिथोरा सांस्कृतिक परिसर में इसका शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री का स्वागत दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू, दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, संस्कृति राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने किया।

पीएम मोदी ने बैठे हुए बुद्ध की मूर्ति पर खटाक और गुलाब की पंखुड़ियां अर्पित कीं। उन्होंने पिपरावा स्थल से प्राप्त एक प्राचीन मुहर को पवित्र किया, बोधि वृक्ष का पौधा लगाया, आगंतुक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए, प्रदर्शनी सूची जारी की और उपस्थित पूजनीय बौद्ध भिक्षुओं को चिवर दान कर उनका सम्मान किया।

इस मौके प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 125 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भारत की विरासत और राष्ट्र की अनमोल धरोहर वापस घर आ गई है। आज से भारत के लोग भगवान बुद्ध के इन पवित्र अवशेषों के दर्शन कर सकेंगे और उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकेंगे। इस संग्रह में कपिलवस्तु में 1898 में हुए उत्खनन से प्राप्त अवशेष, 1972-75 के उत्खनन से मिली वस्तुएं, कोलकाता के भारतीय संग्रहालय में संरक्षित खजाने और पेप्पे परिवार का संग्रह शामिल हैं। इसे भारत सरकार के निर्णायक हस्तक्षेप के बाद जुलाई 2025 में भारत वापस लाया गया, जिसने विदेशों में उनकी नीलामी को रोक दिया था।

Ramesh Pandey

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रमेश पांडेय (Ramesh Pandey) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें डिजिटल मीडिया और क्षेत्रीय समाचार रिपोर्टिंग में 20 वर्षों का अनुभव है।