बस्तर जो कभी नक्सलवाद से पीडि़त था, अब उस पीड़ा से मुक्त हो चुका है। यहां शांति बनाये रखने के लिए 410 सुरक्षा कैंप खुले हैं और 56 हजार जवान तैनात हैं।
रायपुर, 26 अप्रैल 2026। नक्सलवाद खत्म होने के बाद बस्तर में सुरक्षा तंत्र मजबूत बना रहे। इसके लिए प्रयास जारी हैं। छत्तीसगढ़ में बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने कहा है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती लगातार जारी रहेगी।
श्री सुंदरराज पी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वर्तमान में बस्तर रेंज के विभिन्न संवेदनशील और दूरस्थ इलाकों में चरणबद्ध तरीके से लगभग 410 गश्त एवं सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं। आईजी ने कहा कि इन कैंपों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), भारत -तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बर (सीआरपीएफ), तथा जिला पुलिस के करीब 56 हजार जवान तैनात हैं।
उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के उन्मूलन में इन सुरक्षा कैंपों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है और किसी भी अशांत क्षेत्र में तब तक सुरक्षा बलों की तैनाती बनी रहती है, जब तक वहां प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़ नहीं हो जाती।