नई दिल्ली, 28 दिसंबर 2025। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की सेवाओं को और अधिक सरल, सुलभ और आधुनिक बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधारों की घोषणा की है। इन सुधारों का उद्देश्य खासतौर पर पहली बार ईपीएफ का उपयोग करने वाले कर्मचारियों और डिजिटल प्रणाली से कम परिचित लोगों को राहत देना है।
गुजरात के वटवा में नवनिर्मित भविष्य निधि भवन के उद्घाटन अवसर पर डॉ. मांडविया ने कहा कि सरकार ईपीएफओ के मौजूदा और आने वाले कार्यालयों को आधुनिक, प्रौद्योगिकी से लैस तथा पासपोर्ट सेवा केंद्र की तर्ज पर सिंगल-विंडो सर्विस सेंटर में परिवर्तित कर रही है। इससे देशभर के नागरिकों को ईपीएफ से जुड़ी सेवाओं में एकरूपता और पारदर्शिता मिलेगी।
मंत्री ने बताया कि इन सुधारों के बाद लाभार्थी किसी भी क्षेत्रीय ईपीएफओ कार्यालय में जाकर अपनी समस्या का समाधान करा सकेंगे। अब उन्हें उसी कार्यालय में जाने की बाध्यता नहीं होगी, जहां उनका खाता मूल रूप से पंजीकृत है। इससे स्थानांतरण, नौकरी बदलने या दूसरे राज्य में काम कर रहे कर्मचारियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
डॉ. मांडविया ने जानकारी दी कि इस व्यवस्था की एक प्रायोगिक परियोजना दिल्ली में शुरू की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। प्रयोग सफल रहने पर इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में लागू किया जाएगा। इससे ईपीएफओ की कार्यप्रणाली अधिक नागरिक-केंद्रित बनेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ईपीएफओ को केवल एक प्रशासनिक संस्था नहीं, बल्कि सेवा-उन्मुख संगठन के रूप में विकसित करना है। डिजिटल सेवाओं के साथ-साथ भौतिक सहायता केंद्रों को भी मजबूत किया जा रहा है ताकि हर वर्ग के कर्मचारी को लाभ मिल सके।
इन सुधारों से न केवल शिकायत निवारण प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि ईपीएफओ पर कर्मचारियों का भरोसा भी बढ़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल श्रमिक कल्याण की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे देश के करोड़ों कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा।

















