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प्रतापगढ़ में सक्रिय था इंटरनेशनल साइबर फ्राड गैंग, 5 शातिर गिरफ्तार

Ramesh Pandey
By Ramesh Pandey On अक्टूबर 16, 2026
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प्रतापगढ़ में सक्रिय था इंटरनेशनल साइबर फ्राड गैंग

प्रतापगढ़, 16 अक्टूबर 2026। यूपी के प्रतापगढ़ जिले में इंटरनेशनल साइबर फ्राड गैंग सक्रिय था। पुलिस ने इसका खुलासा किया है। यह गैंग भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, यूके (UK) के सिम कार्ड, फर्जी बैंक खाते और एटीएम कार्ड का उपयोग कर रहे थे।

पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने प्रेस कांफ्रेंस में मीडिया को पूरी जानकारी प्रदान की है। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी आलोक कुमार के पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम पुलिस थाना प्रतापगढ़ को एक बड़ी अंतरराज्यीय कामयाबी हासिल हुई है। मुकदमा अपराध संख्या 307/2026 की विवेचना के दौरान, साइबर थाना के निरीक्षक/विवेचक दिवाकर सिंह यादव और उप-निरीक्षक मो. नदीम खां की टीम ने डिजिटल साक्ष्यों और लोकेशन के आधार पर लखनऊ के चिनहट इलाके (मल्हौर रेलवे स्टेशन रोड) में एक संदिग्ध ठिकाने पर दबिश देकर ऑनलाइन सट्टेबाजी और फर्जी खातों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग करने वाले 05 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह देश के विभिन्न राज्यों (मध्य प्रदेश, गुजरात आदि) से आकर लखनऊ में ठिकाना बनाकर अवैध ऑनलाइन गेमिंग और धोखाधड़ी का बड़ा नेटवर्क चला रहा था।

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण

गिरफ्तार किए गए अभियुक्त शातिर किस्म के साइबर फ्रॉड हैं, जो अलग-अलग राज्यों के रहने वाले हैं।

  • प्रीतम समतानी उर्फ हैरी (उम्र 23 वर्ष) पुत्र स्व० मुरलीधर समतानी – निवासी: माधवनगर, कटनी, जबलपुर, मध्य प्रदेश (हाल पता: रानीताल, जबलपुर, मप्र)।
  • चौधरी निशान्त हर्षद भाई उर्फ डैडी (उम्र 30 वर्ष) पुत्र स्व० हर्षद भाई – निवासी: प्रभुनगर सोसाइटी, बारडोली, सूरत, गुजरात।
  • संकेत सावलानी उर्फ सिनचैन (उम्र 20 वर्ष) पुत्र नारायणदास सावलानी – निवासी: सिंधी कालोनी, मैहर, जिला मैहर/सतना, मध्य प्रदेश।
  • शुभम वाधवानी उर्फ मुन्ना भैया (उम्र 19 वर्ष) पुत्र स्व० संतोष कुमार वाधवानी – निवासी: तरहटी, हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश (हाल पता: द्वारिका नगर, अमैया, रीवा, मप्र)।
  • अमरजीत साकेत उर्फ सलमान (उम्र 30 वर्ष) पुत्र राजकरन साकेत – निवासी: ग्राम व पो. बाँस, मनगवा, थाना गढ़, जिला रीवा, मध्य प्रदेश।

बरामदगी का विवरण

अभियुक्तों के कब्जे और घटना स्थल से भारी मात्रा में डिजिटल डिवाइस और सट्टेबाजी में प्रयुक्त सामग्री बरामद हुई है।

  • मोबाइल फोन: कुल 32 अदद स्मार्टफोन (जिसमें प्रीमियम फोन जैसे iPhone 17 Pro, iPhone 16, Motorola, Vivo, Realme, Samsung और Tecno शामिल हैं)।
  • सिम कार्ड: कुल 46 अदद एक्टिव भारतीय सिम कार्ड (Airtel, VI, Jio)।
  • अंतरराष्ट्रीय सिम: 02 अदद सिम कार्ड व 01 खाली रैपर Giffgaff (यूनाइटेड किंगडम – UK) देश का।
  • कंप्यूटर/लैपटॉप: 01 अदद DELL लैपटॉप (मय एडाप्टर) और 01 अदद ASUS ऑल-इन-वन डेस्कटॉप (मय कीबोर्ड, माउस व एडाप्टर)।
  • इंटरनेट संसाधन: 01 अदद Airtel Xstream Fiber Wifi रूटर।
  • वित्तीय दस्तावेज: 08 अदद फर्जी बैंक पासबुक (Omprakash Deora Co-operative Bank, UP Gramin Bank, Aryavart Bank, Airtel Payments Bank)।
  • डेबिट/ATM कार्ड: 07 अदद विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड (जो यश राजा सिंह, अरविंद मोर्या, सावित्री बाई, रवेंद्र कुमार, अन्नू कोल और प्रेम मुड्डी के नाम पर फर्जी तरीके से एक्टिव थे)।
  • नकद राशि: अभियुक्तों की जामा तलाशी से बरामद कुल ₹3,990/- नगद।

अपराध का तरीका

फर्जी खातों का संचालन: यह गिरोह भोले-भाले और गरीब के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनके बैंक खाते और सिम कार्ड हासिल करता था।
ऑनलाइन सट्टेबाजी: यूके (UK) और भारतीय सिम कार्डों का उपयोग करके ये लोग अलग-अलग शिफ्टों में अवैध ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी (Online Betting) के ऐप्स व वेबसाइट्स का संचालन करते थे।
मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन): सट्टेबाजी से देश-विदेश से आने वाले अवैध पैसे को इन फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर (लेयरिंग) किया जाता था, ताकि मुख्य अपराधियों तक पुलिस न पहुँच सके। वे आम जनता के साथ ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर धोखाधड़ी भी करते थे।

पंजीकृत अभियोग

गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ थाना कुण्डा/साइबर क्राइम थाना पर मु०अ०सं० 307/2026 के तहत देश के कड़े कानूनों के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।

भारतीय न्याय संहिता (BNS): धारा 319(2) (फर्जी पहचान), 318(4) (धोखाधड़ी), 338, 336(3), 340(2), 112(2), 61(2) और 3(5) (साझा मंशा)।
आईटी एक्ट: धारा 66D (कंप्यूटर संसाधन के जरिए पहचान छुपाकर धोखाधड़ी)।
विशेष अधिनियम: धारा 9(1) व 9(2) प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट, 2025।

सभी अभियुक्तों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेजने की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस टीम द्वारा बरामद मोबाइलों और लैपटॉप का डेटा बैकअप (साक्ष्य संकलन हेतु) लेकर पेनड्राइव में सील कर दिया गया है ताकि कोर्ट में कड़ा साक्ष्य पेश किया जा सके।

पुलिस टीम

  • सत्येन्द्र सिंह भदौरिया (प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम पुलिस थाना, प्रतापगढ़)
  • दिवाकर सिंह यादव (निरीक्षक/विवेचक, साइबर क्राइम पुलिस थाना, प्रतापगढ़)
  • मो. नदीम खाँ (उप-निरीक्षक, साइबर क्राइम पुलिस थाना)
  • उनि अजहर खाँ
  • हेका पंकज कुमार
  • कआ अनिल कुमार
  • अमित कुमार (मुख्य आरक्षी चालक)
  • आ सत्येन्द्र यादव
  • आ प्रवीन कुमार सिंह
  • आ शिवम

Ramesh Pandey

Ramesh Pandey

रमेश पांडेय (Ramesh Pandey) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें डिजिटल मीडिया और क्षेत्रीय समाचार रिपोर्टिंग में 20 वर्षों का अनुभव है।