प्रतापगढ़, 5 अक्टूबर 2026। प्रतापगढ़ में पर्यावरण सेना ने ईको ब्रिक्स से प्लास्टिक कचरे के स्थायी प्रबंधन की पहल की है। पर्यावरण सेना एंटी प्लास्टिक गैंग की ओर से सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रभावी प्रबंधन के लिए तैयार की जा रही ईको ब्रिक्स की पहल की है। सदर विधायक राजेंद्र कुमार मौर्य ने इस पहल की सराहना की है। उन्होंने इसे प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक कारगर पहल बताया। विधायक सदर ने कहा कि प्लास्टिक मुक्ति की यह विधि बहुत ही सरल और प्रभावी है। विद्यार्थियों को इससे जोड़ देने से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्पों को मजबूती मिलेगी।
बता दें सदर विधायक राजेंद्र कुमार मौर्य के कार्यालय पर प्लास्टिक मुक्त जागरूकता अभियान तथा जल एवं पर्यावरण संरक्षण के मुद्दों पर चर्चा एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान यूनेस्को द्वारा वर्ल्ड वाटर अवार्ड विजेता एवं पर्यावरण सेना प्रमुख ग्रीनमैन अजय क्रांतिकारी ने ईको ब्रिक्स के उद्देश्यों, उपयोगिता और इसके दूरगामी पर्यावरणीय परिणामों पर विस्तार से चर्चा की।
अजय क्रांतिकारी ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक का अनियंत्रित उपयोग पर्यावरण, जलस्रोतों और जीव-जंतुओं के लिए गंभीर चुनौती है। ऐसे में प्लास्टिक कचरे को इधर-उधर फेंकने या जलाने के बजाय उसके सुरक्षित संग्रहण और उचित प्रबंधन को बढ़ावा देना आवश्यक है। ईको ब्रिक्स के माध्यम से अनुपयोगी प्लास्टिक को एकत्रित कर उसके उपयोगी प्रबंधन की दिशा में प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पर्यावरण सेना के एंटी प्लास्टिक गैंग के इस अभियान को स्कूली बच्चों, शिक्षकों और आम नागरिकों की भागीदारी से व्यापक जनआंदोलन बनाया जाएगा। बच्चों को प्लास्टिक कचरे के उचित प्रबंधन के प्रति जागरूक कर उनके माध्यम से घर-घर तक पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचाया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य स्वच्छ, हरित और प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्त भारत के निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम में प्लास्टिक मुक्त समाज के निर्माण, जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि जनजागरूकता, व्यवहार में बदलाव और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही प्लास्टिक प्रदूषण की समस्या का प्रभावी समाधान संभव है।
अजय क्रांतिकारी ने इको ब्रिक्स के बारे जानकारी देते हुए बताया कि अपने घर पर उपयोग की गई सिंगल यूज प्लास्टिक को एक निष्प्रयोज्य प्लास्टिक की बोतल में भरकर इकट्ठा करें और बोतल को ठोस बनने तक उसमें दैनिक उपयोग की प्लास्टिक को उसमें भरकर आस पास फैलने से रोकें, उसे जलाने से बचें और जानवरों द्वारा खाने तथा मृदा प्रदूषण को रोकने हेतु इस विधि से प्लास्टिक का सफाया कर सकते हैं। तैयार हुई इको ब्रिक्स के माध्यम से पेड़ सुरक्षा जाली या अन्य हल्के निर्माण में उसका प्रयोग किया जाएगा।
पर्यावरण सेना ने अपील की कि प्रत्येक नागरिक प्लास्टिक के अनावश्यक उपयोग से बचे, प्लास्टिक कचरे का उचित प्रबंधन करे और पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाए।
