पेरिस, 18 अक्टूबर 2026। रत्न, आभूषण और लग्जरी के क्षेत्र में भारत और फ्रांस एक दूसरे का सहयोग करेंगे। पेरिस में GJEPC के ‘इंडिया-फ्रांस ज्वेलरी समिट’ में 17 भारतीय ज्वेलरी कंपनियों और फ्रांस के उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसका उद्देश्य व्यापार के नए अवसरों को तलाशना, साझेदारी को मजबूत करना और भारत की कारीगरी को दुनिया के सामने लाना था। वित्त वर्ष 2025-26 में फ्रांस को भारत का रत्न और आभूषण निर्यात 478.78 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। ऐसे में, यह समिट ‘भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते’ (India-EU FTA) से पहले व्यापारिक संबंधों को और आगे बढ़ाने का काम करती है।
पेरिस में भारतीय दूतावास ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। यह दोनों देशों के बीच व्यापारिक आदान-प्रदान और औद्योगिक साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में एक नया कदम है।
प्रतिनिधिमंडल ने ‘डिप्टी चीफ ऑफ मिशन’ सुश्री ईनम गंभीर से मुलाकात की। इस दौरान रत्न और आभूषण क्षेत्र में भारत-फ्रांस सहयोग को विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई, खासकर भविष्य में होने वाले ‘भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते’ (India-EU FTA) के संदर्भ में।
इस दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम हुए, जिनमें लग्जरी सेक्टर में साझेदारी मजबूत करने पर जानकारीपूर्ण प्रस्तुतियां, भारतीय निर्यातकों और फ्रांसीसी उद्योगपतियों के बीच ‘बायर-सेलर’ (खरीदार-विक्रेता) बैठक, और ‘भारत-फ्रांस ज्वेलरी समिट’ शामिल थे, जिसमें इस क्षेत्र के प्रमुख लोगों ने हिस्सा लिया।
इन चर्चाओं से यह स्पष्ट हुआ कि भारत की कारीगरी और उत्पादन क्षमता, तथा लग्जरी, डिजाइन और ब्रांड रणनीति के क्षेत्र में फ्रांस की वैश्विक नेतृत्वकारी स्थिति के बीच एक मजबूत गठबंधन की अपार संभावनाएं हैं।
