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विवादित आदेश को देख गुस्से से लाल हुए योगी, संयुक्त निदेशक को किया सस्पेंड

विवादित आदेश देख गुस्से से लाल हुए योगी, संयुक्त निदेशक को किया सस्पेंड

लखनऊ, 5 अगस्त 2025। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पंचायती राज विभाग के संयुक्त निदेशक एसएन सिंह के एक आदेश से गुस्से से लाल हो गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न केवल उस आदेश को तत्काल रद्द करने का आदेश दिया बल्कि संयुक्त निदेशक एसएन सिंह को फौरन सस्पेंड भी कर दिया।

मामला यह था कि पंचायती राज विभाग के संयुक्त निदेशक एसएन सिंह के द्वारा विवादास्पद आदेश जारी कर दिया गया था। इस आदेश में ग्रामसभा की भूमि से अवैध कब्जा हटाने की कार्यवाही को जाति विशेष (यादव) और धर्म विशेष (मुस्लिम) से जोड़कर निर्देशित किया गया था। मुख्यमंत्री के निर्देश पर इसे तत्काल रद्द कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि इस प्रकार की भाषा और सोच न केवल शासन की नीतियों के विरुद्ध है, बल्कि समाज में विभाजन पैदा करने वाली है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध कब्जों के खिलाफ कार्यवाही पूरी निष्पक्षता, तथ्यों और कानून के अनुसार होनी चाहिए, न कि जाति या धर्म के आधार पर। उन्होंने अधिकारियों को इस प्रकार की गलती की पुनरावृत्ति नहीं होने देने की चेतावनी भी दी है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकार समरसता, सामाजिक न्याय और सबके समान अधिकारों के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। सरकार की नीतियां किसी व्यक्ति, समुदाय या वर्ग के प्रति पूर्वाग्रह से प्रेरित नहीं हो सकतीं। हमारी प्रतिबद्धता संविधान और न्याय की मूल भावना के प्रति है।

कैसे सामने आया मामला

हुआ यह कि बलिया के डीपीआरओ अवनीश कुमार श्रीवास्तव ने 2 जुलाई 2025 को जिले के सभी विकास खंड अधिकारियों को निदेशक पंचायती राज की ओर से 29 जुलाई को जारी आदेश का हवाला देते हुए गांव की सार्वजनिक जमीनों पर किए गए कब्जा को खाली कराने के लिए अभियान चलाने का निर्देश जारी किया था। इसे लेकर विवाद खड़ा हो गया था।

डीपीआरओ बलिया का यह आदेश जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो हडकंप मच गया। निदेशालय ने आनन -फानन में आदेश की जांच की गई तो पता चला कि पंचायती राज निदेशक अमित सिंह की जानकारी के बिना ही संयुक्त निदेशक एसएन सिंह की ओर से यह आदेश जारी किया गया है।