गौरा (प्रतापगढ़), 1 जुलाई 2026। गौरा-जंघई रेलखंड के बीच ट्रेनों के लेट होने की समस्या अब खत्म हो गयी है। इस रेलखंड के बीच रेल लाइन दोहरीकरण का कार्य पूरा हो गया है। 30 जून 2026 को इसकी जांच की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गयी है। अब 1 जुलाई से बेधड़क इस रुट पर ट्रेनों का परिचालन शुरू हो जाएगा।
इस रेलखंड पर लंबे समय से रेल दोहरीकरण का कार्य प्रस्तावित था। पिछले एक सप्ताह के बीच तेज गति से कार्य को पूरा किया गया। इस बीच यात्रियों को काफी असुविधा का भी सामना करना पड़ा। पर अब वह समस्या दूर हो गयी है।
30 जून को रेलवे संरक्षा आयुक्त (सीआरएस), उत्तर रेलवे परिमंडल, दिनेश चंद देशवाल ने प्रतापगढ़–जंघई रेल खण्ड के गौरा-जंघई स्टेशनों के मध्य में लगभग 27 किलोमीटर रेल लाइन दोहरीकरण एवं स्टेशन विकास कार्यों का गहन निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने गौरा, सुवंसा, बादशाहपुर एवं नीभापुर रेलवे स्टेशनों पर किए गए रेल लाइन दोहरीकरण कार्यों का विस्तृत अवलोकन किया। इस अवसर पर निर्माणाधीन स्टेशन भवन, स्टेशन अधीक्षक कक्ष, पैनल रूम, प्लेटफॉर्म का निरीक्षण किया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
रेलवे संरक्षा आयुक्त द्वारा गौरा-जंघई रेल खण्ड पर विशेष निरीक्षण यान से स्पीड ट्रायल भी किया गया। निरीक्षण एवं परीक्षण के दौरान सभी संरक्षा मानक संतोषजनक पाए गए, जिसके उपरांत इस दोहरीकृत रेल खण्ड पर रेल परिचालन के लिए आवश्यक संरक्षा स्वीकृति प्रदान की गई।
इस रेल मार्ग के दोहरीकरण का कार्य पूर्ण होने से इस रेलखंड पर ट्रेनों की गति में वृद्धि होगी एवं इससे रेल परिचालन अधिक सुगम, सुरक्षित एवं समयबद्ध होगा तथा यात्रियों को बेहतर रेल सेवाओं का लाभ प्राप्त होगा।
इस अवसर पर CAO/C (chief administrative officer/construction), श्याम सिंह , मंडल रेल प्रबंधक, उत्तर रेलवे, लखनऊ, सुनील कुमार वर्मा सहित उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
