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बांग्लादेश के नए राष्ट्रपति बने मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर

ढाका, 20 अगस्त 2028। बांग्लादेश की राजनीति में लंबे समय से जारी राष्ट्रपति पद की खींचतान पर आखिरकार विराम लग गया। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के वरिष्ठ नेता मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर को संसद में हुए चुनाव में देश का नया राष्ट्रपति चुन लिया गया। संसद भवन में हुए मतदान में आलमगीर को 255 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी ओली अहमद को 88 वोट प्राप्त हुए। ओली अहमद को कई विपक्षी दलों के गठबंधन का समर्थन हासिल था। मुख्य चुनाव आयोग की निगरानी में मतदान पूरा होने के बाद आलमगीर की जीत की आधिकारिक घोषणा की गई।

35 साल बाद राष्ट्रपति चुनाव में सीधा मुकाबला

बांग्लादेश में यह राष्ट्रपति चुनाव कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा। करीब 35 साल बाद राष्ट्रपति पद के लिए एक से अधिक उम्मीदवारों के बीच मुकाबला हुआ। इससे पहले 1991 में राष्ट्रपति पद के लिए इसी तरह मतदान हुआ था। लंबे अंतराल के बाद हुए इस चुनाव ने देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को भी उजागर किया है।

पार्टी पद से दिया इस्तीफा

राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाए जाने के बाद मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने बीएनपी के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने पार्टी की राष्ट्रीय स्थायी समिति की सदस्यता भी छोड़ दी। लंबे समय तक बीएनपी के संगठन को संभालने वाले आलमगीर का अब देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचना पार्टी और बांग्लादेश की राजनीति, दोनों के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

पूर्व राष्ट्रपति के इस्तीफे के बाद चुनाव

राष्ट्रपति पद पर यह चुनाव पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के इस्तीफे के बाद कराया गया। उन्होंने गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद संवैधानिक प्रावधानों के तहत नए राष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई।

90 दिन के भीतर चुनाव जरूरी

बांग्लादेश के संविधान के अनुसार राष्ट्रपति का पद रिक्त होने के बाद 90 दिनों के भीतर संसद द्वारा नए राष्ट्रपति का चुनाव किया जाना अनिवार्य है। निर्धारित समय सीमा के भीतर यह चुनाव संपन्न कराया गया। बांग्लादेश की संसदीय व्यवस्था में राष्ट्रपति का पद मुख्य रूप से संवैधानिक और औपचारिक माना जाता है। देश की वास्तविक कायर्कारी शक्तियां प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार के पास होती हैं।

सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचे अनुभवी नेता

बीएनपी के संगठन और राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर का राष्ट्रपति बनना बांग्लादेश की राजनीति में अहम बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि राष्ट्रपति का पद औपचारिक है, लेकिन लंबे समय से पार्टी संगठन की जिम्मेदारी संभालने वाले आलमगीर का देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचना राजनीतिक रूप से खास महत्व रखता है।